भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश पर बढ़ी बयानबाजी
अरुणाचल प्रदेश पर भारत का स्पष्ट रुख
भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बार फिर से बयानबाजी तेज हो गई है। भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के आधिकारिक नामों को लेकर चीन की आपत्ति को ठुकरा दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। मंत्रालय ने कहा कि इस तथ्य को कोई भी बयान या दावा नहीं बदल सकता।
विदेश मंत्रालय का बयान
चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश पर दिए गए बयान के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। यह एक ऐसी सच्चाई है, जो स्पष्ट है। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस निर्विवाद सच्चाई को कोई नहीं बदल सकता।'
27 आधिकारिक नामों की घोषणा
नक्शे पर दर्ज किए गए 27 आधिकारिक नाम
भारत ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट स्थित 27 स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के आधिकारिक नामों की घोषणा की। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों के नाम बदलने के प्रयासों का जवाब है। इनमें सीमावर्ती गांव लोंगजू भी शामिल है, जिस पर चीन 1959 से नियंत्रण रखता है, जबकि भारत इसे अपनी सीमा में मानता है। इन स्थानों को आधिकारिक नक्शे में शामिल करने का उद्देश्य भारत की संप्रभुता और कानूनी दावेदारी को स्पष्ट करना है।
चीन की प्रतिक्रिया
चीन ने भारत के कदम को बताया अवैध
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को भारत के इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चीन भारत द्वारा बनाए गए अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। चीन ने यह भी दावा किया कि भारत द्वारा चीन के नामों की जगह नए आधिकारिक नाम देना अवैध और अमान्य है। उल्लेखनीय है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है और इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है, जिसे भारत पहले भी खारिज कर चुका है।
