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भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी: भविष्य की चुनौतियों का सामना

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के दौरे के दौरान अपने समकक्ष चो ह्यून से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई। जयशंकर ने कहा कि यह मुलाकात हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के परिणामों पर आधारित थी। कोरियाई विदेश मंत्री ने भी भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई दिशा देने की बात की। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या-क्या चर्चा हुई।
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भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी: भविष्य की चुनौतियों का सामना

भारत-दक्षिण कोरिया सहयोग की नई दिशा


दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा


भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में दक्षिण कोरिया के दौरे के दौरान अपने समकक्ष चो ह्यून से मुलाकात की। इस बैठक में जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने स्टार्टअप्स और फिनटेक में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।


जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि चो ह्यून से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि उनकी चर्चा हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के परिणामों पर आधारित थी।


कोरियाई विदेश मंत्री की टिप्पणी

कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने कहा कि पिछले वर्ष की राष्ट्रपति यात्रा ने भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई गति दी है। उन्होंने व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में पिछले शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की समीक्षा की। चो ने कहा कि इस सप्ताह भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कोरिया वीक का आयोजन किया जा रहा है, जो भारतीय बाजार में आने वाली कंपनियों के लिए समाधान खोजने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

जयशंकर और चो ने लंच के दौरान वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा की और पश्चिम एशिया की स्थिति से उत्पन्न आर्थिक प्रभावों पर मिलकर प्रतिक्रिया देने पर सहमति जताई। जयशंकर ने कहा कि यह बैठक समयानुकूल है, खासकर हाल ही में राष्ट्रपति स्तर की यात्रा के बाद।