भारत की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में प्रगति: एक विश्लेषण
भारत की नई रैंकिंग
भारत ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 38वां स्थान हासिल किया है, जो कि 2015 में 81वां था। यह रैंकिंग वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (WIPO) द्वारा जारी की गई है। हालांकि, देश में इनोवेशन की प्रगति का वास्तविक प्रभाव कहीं और देखने को नहीं मिलता, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह विकास सभी क्षेत्रों में समान रूप से फैला है।
भारत की स्थिति वैश्विक परिप्रेक्ष्य में
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2026 के अनुसार, भारत के चार प्रमुख शहर, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई, दुनिया के शीर्ष 100 साइंस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन क्लस्टर्स में शामिल हैं। बेंगलुरु 25वें, दिल्ली 27वें, मुंबई 43वें और चेन्नई 79वें स्थान पर है।
दक्षिण एशिया में, बांग्लादेश 105वें स्थान पर है, जबकि नेपाल 104वें स्थान पर है। भूटान 74वें, श्रीलंका 94वें और पाकिस्तान 95वें स्थान पर हैं। रिपोर्टों के अनुसार, भारत अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
दुनिया में इनोवेशन के शीर्ष देश
स्विट्ज़रलैंड 66.7 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, इसके बाद स्वीडन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर हैं। भारत मध्यम आय वाले देशों में पहले स्थान पर है।
भारत के भीतर इनोवेशन का परिदृश्य
भारत में इनोवेशन मुख्य रूप से चार शहरों पर केंद्रित है। रिपोर्ट के अनुसार, इन चार शहरों ने 2026 में 10,300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पेटेंट आवेदन किए। बेंगलुरु में सैमसंग और IISc, दिल्ली में IIT दिल्ली, मुंबई में जियो प्लेटफॉर्म्स और IIT बॉम्बे, और चेन्नई में TVS मोटर और IIT मद्रास प्रमुख हैं।
भारत की चुनौतियाँ
हालांकि, आबादी के हिसाब से ये शहर पीछे हैं। बेंगलुरु 85वें, दिल्ली 96वें, चेन्नई 97वें और मुंबई 98वें स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत आईटी और डिजिटल सेवाओं के निर्यात में पहले स्थान पर है, लेकिन रिसर्च और तकनीक के क्षेत्र में और अधिक प्रयास की आवश्यकता है।
