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भारत की न्याय व्यवस्था में बदलाव: तीन साल में मिलेगा न्याय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल में नए आपराधिक कानूनों के लागू होने की घोषणा की, जिससे भारत की न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि अब FIR दर्ज करने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का न्याय तीन साल के भीतर मिलेगा। नए कानूनों के तहत तकनीक और फोरेंसिक साक्ष्यों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार ने 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य भी रखा है। जानें इस महत्वपूर्ण घोषणा के बारे में और क्या बदलाव आएंगे।
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नए आपराधिक कानूनों का प्रभाव

भोपाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा। उन्होंने शनिवार को यह जानकारी दी कि अब FIR दर्ज करने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का न्याय तीन साल के भीतर प्राप्त होगा।


भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में शाह ने बताया कि भारतीय न्याय व्यवस्था में लंबे समय से देरी की समस्या रही है। नए कानूनों के माध्यम से जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रियाओं में समयबद्धता लाने का प्रयास किया जा रहा है।


तीन साल में मिलेगा न्याय- शाह
शाह ने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था को 'तारीख पे तारीख' के लिए जाना जाता था, लेकिन अब नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।


तीन नए कानूनों से आएगा बदलाव

देश में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 1 जुलाई 2024 से लागू होंगे। सरकार का मानना है कि इन कानूनों के माध्यम से तकनीक और फोरेंसिक साक्ष्यों का उपयोग बढ़ाकर आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाएगी। गृह मंत्रालय ने पहले ही कहा है कि नए कानूनों की प्रभावी क्रियान्विति के बाद आपराधिक मामलों को सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल के भीतर निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।


2029 तक नशामुक्ति का लक्ष्य

अमित शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। केंद्र ने 2026 से 2029 तक नशे के खिलाफ एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, मांग और नुकसान में कमी तथा संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।


सरकार ने 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की योजना बनाई गई है। नए कानूनों के माध्यम से तेज न्याय और 2029 तक नशामुक्ति—भोपाल में अमित शाह ने सरकार के दो प्रमुख लक्ष्यों को साझा किया।