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भारत की शांति रैंकिंग: अमेरिका और पाकिस्तान से अधिक सुरक्षित

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में भारत को अमेरिका, रूस और पाकिस्तान की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण देश बताया गया है। भारत ने 2.409 के स्कोर के साथ 127वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि आइसलैंड लगातार 19 वर्षों से सबसे शांतिपूर्ण देश बना हुआ है। अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है, जो अब 134वें स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान 152वें स्थान पर पहुंच गया है। दक्षिण एशिया में भूटान सबसे शांत देश है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।
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भारत की शांति रैंकिंग: अमेरिका और पाकिस्तान से अधिक सुरक्षित

भारत की नई शांति रैंकिंग

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्षों और तनाव के बीच, इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में यह सामने आया है कि भारत, अमेरिका, रूस, इजराइल और पाकिस्तान जैसे देशों की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण है। इस रिपोर्ट में भारत को 2.409 के स्कोर के साथ 127वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, आइसलैंड ने 1.161 के स्कोर के साथ लगातार 19 वर्षों से दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश होने का खिताब बरकरार रखा है। रिपोर्ट यह दर्शाती है कि वैश्विक अशांति में तेजी से वृद्धि हो रही है, और रूस जैसे देश इस सूची में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गए हैं।


अमेरिका और पाकिस्तान की स्थिति में गिरावट

शांति की इस सूची में कई शक्तिशाली देशों की स्थिति चिंताजनक है। अमेरिका, जो खुद को सुपरपावर मानता है, अब 134वें स्थान पर खिसक गया है। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और सैन्य गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी के कारण अमेरिका की रैंकिंग 2025 में 130वें स्थान से नीचे आई है। वहीं, पाकिस्तान की स्थिति और भी खराब हुई है, जो पिछले एक वर्ष में छह पायदान गिरकर 152वें स्थान पर पहुंच गया है। यह वहां की बढ़ती अशांति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसके अलावा, वेनेजुएला 133वें और ईरान 144वें स्थान पर हैं। तुर्की ने थोड़ी सुधार करते हुए 136वां स्थान प्राप्त किया है।


भूटान और कतर की स्थिति

दक्षिण एशिया में, भूटान इस क्षेत्र का सबसे शांत देश है। इसके बाद श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और फिर भारत का स्थान है। भारत के पीछे पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देश हैं। मुस्लिम देशों में कतर 31वें स्थान पर है, जो इसे सबसे शांत मुस्लिम देश बनाता है। इसके बाद कुवैत (49वें) और ओमान (60वें) का स्थान है। हालांकि, खाड़ी देशों में चल रहे तनाव और युद्धों का असर इनकी रैंकिंग पर भी दिखाई दे रहा है। लंबे समय से संघर्षों में घिरे इजराइल ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, लेकिन वह अभी भी 160वें स्थान पर है। यह ग्लोबल पीस लिस्ट हर साल किसी भी देश के आंतरिक और बाहरी संघर्षों के साथ-साथ लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों का गहराई से आकलन करने के बाद जारी की जाती है।