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भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन मंगोलिया में

मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में चल रहे 'खान क्वेस्ट 2026' सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 18 देशों के सैनिकों को भारत की विविधता और परंपराओं से परिचित कराया गया। भारतीय संगीत, नृत्य और विशेष व्यंजनों ने विदेशी सैनिकों का दिल जीत लिया। जानें इस अद्भुत सांस्कृतिक संध्या के बारे में और कैसे इसने देशों के बीच दोस्ती को मजबूत किया।
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मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' सैन्य अभ्यास

नई दिल्ली: मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' चल रहा है। हाल ही में यहां भारतीय सेना ने एक भव्य 'इंडिया कल्चरल ईवनिंग' का आयोजन किया, जिसमें 18 देशों के सैनिकों को भारत की समृद्ध संस्कृति और विविधता से परिचित कराया गया।


कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय दल के देशभक्ति गीत से हुई, जिससे पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारतीय सैनिकों की सामूहिक प्रस्तुति ने न केवल देशभक्ति की भावना को जगाया, बल्कि यह भी दर्शाया कि भारतीय सेना अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है। इसके बाद पारंपरिक युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन हुआ, जिसने विदेशी सैनिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कई सैन्य अधिकारियों ने भारतीय योद्धा परंपराओं की समृद्ध विरासत की सराहना की, यह कहते हुए कि यह प्रदर्शन भारत की ऐतिहासिक सैन्य संस्कृति का एक अद्भुत उदाहरण है। लेकिन असली रंग तब जमा जब पंजाब के भांगड़ा की प्रस्तुति शुरू हुई। ढोल की थाप और जोशीले संगीत ने माहौल को उत्सव में बदल दिया, और कई विदेशी सैनिक भी भांगड़ा की धुन पर थिरकने लगे।


भाषा और सीमाओं की दीवारें मानो पल भर में गायब हो गईं, और पूरा आयोजन एक वैश्विक परिवार की तरह नजर आया। शाम का सबसे स्वादिष्ट हिस्सा भारतीय व्यंजनों का था, जिसमें गोलगप्पे, पापड़ी चाट, भेलपुरी, चूरमा, ठंडाई और आम पन्ना शामिल थे। विदेशी सैनिकों ने भारतीय भोजन को अद्भुत स्वाद और विविधता का मिश्रण बताया।


कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के सैनिकों ने भारतीय दल के साथ बातचीत की, तस्वीरें खिंचवाईं और भारत के बारे में अपने अनुभव साझा किए। कई प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन सैन्य अभ्यासों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखते, बल्कि देशों के बीच दोस्ती और विश्वास को भी मजबूत बनाते हैं।


वास्तव में, 'खान क्वेस्ट 2026' का उद्देश्य केवल संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए सैन्य सहयोग बढ़ाना नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच मानवीय संबंधों को भी सशक्त बनाना है। भारतीय सेना की यह सांस्कृतिक संध्या उसी सोच का जीवंत उदाहरण बनी। उलानबटार की इस शाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत अपनी सैन्य क्षमता के साथ-साथ अपनी संस्कृति, संगीत, नृत्य, भोजन और दिल जीतने वाली मेहमाननवाजी के लिए भी विशेष पहचान रखता है।