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भारत के E20 पेट्रोल पर विवाद: सरकार ने दी स्पष्टता

भारत के E20 पेट्रोल पर उठे विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूटान ने इसे स्वीकार करने से मना नहीं किया है। मंत्रालय ने बताया कि कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। विवाद की शुरुआत भूटान के एक समाचार पत्र की रिपोर्ट से हुई, जिसमें भूटान ने सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध किया था। जानें इस मुद्दे पर सरकार का क्या कहना है और भूटान की स्थिति क्या है।
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केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

भारत के E20 पेट्रोल को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि भूटान ने E20 पेट्रोल को स्वीकार करने से मना कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि भारत की किसी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया।


भूटान से जुड़ी गलतफहमियां

रविवार को जारी एक आधिकारिक फैक्ट चेक में मंत्रालय ने कहा कि भूटान द्वारा E20 पेट्रोल को ठुकराने की खबरें पूरी तरह से गलत हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि न तो ऐसी कोई पेशकश की गई है और न ही भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने की कोई योजना है। सरकार ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे इस विषय में केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।


विवाद की शुरुआत

यह विवाद भूटान के समाचार पत्र 'द भूटानीज' में प्रकाशित एक रिपोर्ट से शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि भूटान सरकार ने भारत की तेल कंपनियों से सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि भूटान ने E20 पेट्रोल के भंडारण और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इसके बाद यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और कई राजनीतिक नेताओं ने इसे उठाया।


संपादक का पक्ष

'द भूटानीज' के संपादक तेनजिंग लमसांग ने अपनी रिपोर्ट पर कायम रहते हुए कहा है कि यह जानकारी भूटान सरकार के अधिकारियों से मिली लिखित और मौखिक जानकारी पर आधारित है। उन्होंने एक दस्तावेज भी साझा किया है, जिसमें भूटान के व्यापार विभाग ने कहा है कि देश फिलहाल E20 पेट्रोल का आयात नहीं कर रहा है।


E20 पेट्रोल की सुरक्षा

E20 पेट्रोल के विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने फिर से स्पष्ट किया है कि इसे जल्दबाजी में लागू नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले कई स्तरों पर परीक्षण किए गए थे। अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह दर्शाता हो कि E20 पेट्रोल के कारण वाहनों के इंजन में बड़े पैमाने पर खराबी आ रही है।