भारत को FATF में मिली बड़ी जिम्मेदारी: विवेक अग्रवाल बने उपाध्यक्ष
भारत की नई कूटनीतिक उपलब्धि
नई दिल्ली: भारत को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता मिली है। वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। FATF को अवैध वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने वाली प्रमुख संस्था माना जाता है।
भारत की कूटनीतिक जीत
इस नियुक्ति को भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने हमेशा आतंकवाद और उसके वित्तपोषण के नेटवर्क के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं।
विवेक अग्रवाल का अनुभव
विवेक अग्रवाल वर्तमान में भारत सरकार में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले, उन्होंने FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है और वह फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट इंडिया (FIU-IND) के निदेशक भी रह चुके हैं। FIU-IND देश में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की निगरानी और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने वाली प्रमुख एजेंसी है।
अधिकारियों का मानना है कि उनका चयन आतंकवाद के वित्तपोषण और वित्तीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक ढांचे को मजबूत करने की भारत की कोशिशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।
FATF की भूमिका और भारत की अपेक्षाएँ
FATF अवैध वित्तीय गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करता है। यह सुनिश्चित करता है कि देश मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के उपायों का पालन कर रहे हैं या नहीं। यह उन देशों की ग्रे और ब्लैक लिस्ट भी जारी करता है जो मानकों पर खरे नहीं उतरते।
उपाध्यक्ष बनने के बाद, अग्रवाल से उम्मीद की जा रही है कि वह FATF के नीतिगत एजेंडे को आकार देंगे और वित्तीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देंगे। उनके पास खुफिया जानकारी, वित्तीय जांच और बहुपक्षीय बातचीत का अनुभव है, जो वैश्विक वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा में सहायक होगा।
भारत ने पहले भी FATF जैसे मंचों पर सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण और संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब अग्रवाल की नियुक्ति से नई दिल्ली की आवाज इन चर्चाओं में और अधिक प्रभावी होगी।
भारत की संपत्ति वसूली प्रणाली की सराहना
FATF ने नवंबर 2025 में भारत की संपत्ति वसूली प्रणाली की प्रशंसा की थी। संस्था ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक मॉडल एजेंसी के रूप में मान्यता दी थी। अपनी रिपोर्ट 'एसेट रिकवरी गाइडेंस एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज' में FATF ने कहा था कि भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित संपत्तियों को जब्त करने और प्रबंधित करने के लिए मजबूत कानूनी और परिचालन प्रणाली विकसित की है।
