भारत ने अमेरिकी नौसेना के हमलों पर कड़ा विरोध जताया
भारत का कड़ा विरोध
भारत ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की और कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस प्रकार के घातक हमले अस्वीकार्य हैं।
एस जयशंकर की आपत्ति
जयशंकर ने रुबियो को बताया कि उन्होंने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी विमान ने पलाउ झंडे वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हमला किया, जिसके बाद ओमान की सेना ने बाकी 25 नाविकों को बचाया, जिनमें से 21 भारतीय थे।
तीन भारतीय नाविकों की मौत
तीन लापता भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे समुद्री समुदाय के लिए एक दुखद घटना बताया और कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ है तथा उनके शवों को जल्द वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ट्रंप का बयान
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि बचाए गए नाविकों को घर लाने की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि हमले उनके नौसैनिक बलों ने किए थे।
हमले का कारण
सोमवार को अमेरिका ने दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया, जिसमें भारतीय नाविक मौजूद थे। सेटेबेलो नामक जहाज पर हमले का आरोप है कि यह ईरानी तेल ले जा रहा था, लेकिन जहाज चलाने वाली कंपनी IOS मरीन FZE ने इस आरोप का खंडन किया है।
हमले का विवरण
कंपनी ने अमेरिका से सबूत मांगे हैं कि कब उसने अमेरिकी नौसेना के निर्देशों का पालन नहीं किया। यह जहाज भारतीय कंपनी एक्वा अरोरा शिपिंग लाइन्स का है। दूसरा जहाज मारिवेक्स पहले अरिहंत नाम से जाना जाता था। अमेरिका ने इसे ईरानी तेल ले जाने के आरोप में प्रतिबंधित कर रखा है। अमेरिकी फाइटर जेट F-18 सुपर हॉर्नेट ने इस पर हमला किया, जिससे जहाज के इंजन और स्टीयरिंग में आग लग गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन
भारतीय नाविकों ने मदद मांगी और बताया कि जहाज डूब रहा है। ओमान के हेलीकॉप्टर ने सभी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। इस घटना ने भारत में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हजारों भारतीय नाविक समुद्री रास्तों पर काम कर रहे हैं। नाविक यूनियनों ने कहा है कि नाविक सैनिक नहीं हैं और उन्हें युद्ध जैसी स्थिति में नहीं डालना चाहिए।
