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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक निर्णायक कार्रवाई की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस ऑपरेशन की रणनीति और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी की सक्रियता और भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी और भारत की सुरक्षा रणनीति के बारे में।
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आतंकवादी हमले के बाद की रणनीति


पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद, भारत की सुरक्षा स्थिति पर वैश्विक ध्यान केंद्रित हो गया। भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई की। हालांकि, इस हमले की जानकारी केवल सैनिकों के दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि इसे एक सुव्यवस्थित रणनीति के तहत अंजाम दिया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस ऑपरेशन के बारे में पहली बार विस्तार से जानकारी साझा की है।


पीएम मोदी की सक्रियता

डोभाल ने बताया कि जब पहलगाम में हमला हुआ, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर थे। जैसे ही उन्हें हमले की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत अपनी यात्रा को समाप्त कर वापस लौटने का निर्णय लिया। एयरपोर्ट पर उन्होंने एक बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने हमले की पूरी जानकारी ली और पहला सवाल पूछा कि यह किसने किया। उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का संकल्प लिया।


ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य

डोभाल ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन सभी ठिकानों को नष्ट करना था, जो पहलगाम हमले से जुड़े थे। इस हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।


उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि यह भी दिखाना था कि भारत की शक्ति और इरादे क्या हैं। डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता उसकी कमजोरी नहीं है और जरूरत पड़ने पर वह जोखिम उठाने के लिए तैयार है। इस ऑपरेशन की सफलता में भारतीय खुफिया एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने हमले के जिम्मेदार लोगों और उनके ठिकानों की पहचान में मदद की।