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भारत ने मिसाइल परीक्षण में हासिल की नई ऊंचाइयाँ, DRDO ने किया अभूतपूर्व प्रदर्शन

भारत ने DRDO के माध्यम से अपने रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। हाल ही में किए गए मिसाइल परीक्षणों ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है। इस परीक्षण में तीन मिसाइलों का सफल उड़ान परीक्षण शामिल है, जिससे भारत की सुरक्षा क्षमताएँ और भी मजबूत हुई हैं। जानें कैसे यह नई तकनीक पड़ोसी देशों की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी और भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।
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भारत ने मिसाइल परीक्षण में हासिल की नई ऊंचाइयाँ, DRDO ने किया अभूतपूर्व प्रदर्शन

भारत की रक्षा क्षमता में नया मील का पत्थर


नई दिल्ली: भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे उसकी रणनीतिक सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिली है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 10 और 11 जून, 2026 को 24 घंटे के भीतर लगातार तीन मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। इस सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों के 'एलीट क्लब' में शामिल हो गया है, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) हमलों को नाकाम करने की पूरी क्षमता है। इन परीक्षणों में अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) फेज-2 और समुद्र में मार करने वाली एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली का सफल प्रदर्शन शामिल है।


दुश्मनों के मंसूबों को आसमान में ही नष्ट करना

DRDO के इस मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम ने परीक्षण के दौरान अपने लक्ष्यों को हवा में सटीकता से इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, परीक्षण किए गए दो इंटरसेप्टर मिसाइलें 2,000 से 5,000 किलोमीटर की दूरी से आने वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBM) को रोकने की क्षमता रखती हैं। ये मिसाइलें पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर और भीतर दोनों स्तरों पर दुश्मनों को खत्म कर सकती हैं।


पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं का मुकाबला

भारत ने यह स्वदेशी सुरक्षा कवच ऐसे समय में मजबूत किया है जब पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी मिसाइल क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहा है। पाकिस्तान की 'फतह-I', 'फतह-II' और चीन निर्मित 'P282' मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए भारत का यह नया रक्षा प्राचीर गेम-चेंजर साबित होगा। यह तकनीक दुश्मन की पहले हमले की क्षमता को सीमित कर भारत की सेकंड स्ट्राइक को बेहद विश्वसनीय बनाती है।


नेवल एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण

सुरक्षा कवच को मजबूत करने के साथ ही भारत ने समुद्र में भी अपनी आक्रामकता को बढ़ाया है। DRDO ने पहली बार 'नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज' का सफल परीक्षण किया है। यह मध्यम दूरी पर दुश्मन के जंगी जहाजों को तेजी से नष्ट करने की क्षमता रखती है, जिससे नौसेना को समुद्री मोर्चे पर बढ़त मिलेगी।


1999 से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

भारत का यह BMD कार्यक्रम 1999 में शुरू हुआ था। फेज-1 को मुख्य रूप से दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया था, जो 2019 में पूरा हो चुका था। अब फेज-2 के तहत भारत ने स्वदेशी रडार विकसित कर लिए हैं, जिनकी ट्रैकिंग रेंज 1,500 किलोमीटर से अधिक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और DRDO अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने वैज्ञानिकों और उद्योग भागीदारों को इस गौरवपूर्ण स्वदेशी तकनीकी आत्मनिर्भरता पर बधाई दी है।