Newzfatafatlogo

भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा की

भारत ने सऊदी अरब पर हुए हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले को निंदनीय बताया है, खासकर जब आम नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया। हमले में 73 लोग घायल हुए हैं और सऊदी अरब ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया के बारे में।
 | 

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है।


हमलों की निंदा

हूती विद्रोहियों के हमलों पर पूछे गए सवालों के जवाब में, एमईए के प्रवक्ता ने कहा कि सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमले निंदनीय हैं, विशेषकर जब आम नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया हो। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब में आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं।


हमलों का विवरण

मंगलवार को, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई नागरिक और आर्थिक स्थलों पर हमले किए, जिसमें 73 लोग घायल हुए। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके दक्षिणी क्षेत्र में कई ऊर्जा और तेल संयंत्रों को निशाना बनाया गया।


हूती विद्रोहियों का आरोप

हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब ने उनकी एक जेल पर हमला किया, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के ठिकानों को निशाना बनाया गया।


सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

हमलों के बाद, सऊदी अरब ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सऊदी अधिकारियों और मीडिया के अनुसार, इन हमलों के कारण कई तेल संयंत्रों में आग लग गई और कुछ समय के लिए कामकाज रोकना पड़ा।


वीडियो में दिखी तबाही

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद तेल ठिकानों को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा जा सकता है।


युद्धविराम का टूटना

जुलाई में यमन का चार साल पुराना युद्धविराम टूटने के बाद से यह हूती विद्रोहियों द्वारा किया गया सबसे बड़ा हमला है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।