भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का बढ़ता नेटवर्क: मादक पदार्थों से सोने तक का खुलासा
तस्करी का नया चेहरा
भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा, जिसे पहले दोनों देशों के बीच आवागमन का साधन माना जाता था, अब अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बन गई है। महराजगंज के सोनौली और ठूठीबारी सीमा से जुड़े मामलों में मादक पदार्थों, सोने और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी के बड़े नेटवर्क का पता चला है।
तस्करी के मामले और गिरफ्तारी
सोनौली सीमा से जुड़े नशा तस्करी के मामलों की जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क दिल्ली-NCR और गुरुग्राम की ड्रग लैब से जुड़ा हुआ है, जो मेक्सिको तक फैला हुआ है। ठूठीबारी सीमा पर सोने की तस्करी के मामलों की जांच भी तेज हो गई है, जिसमें कन्नौज से 15 करोड़ रुपये का सोना बरामद किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
महराजगंज पुलिस ने 12 सितंबर 2025 से 11 सितंबर 2026 के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में 35 मुकदमे दर्ज किए हैं और 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 229 किलो से अधिक विभिन्न मादक पदार्थों को जब्त किया गया है, जिसमें गांजा, चरस, स्मैक और ब्राउन शुगर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
सोनौली सीमा पर एक महिला के बैग से 2.5 किलो मेथाक्वालोन बरामद होने के बाद मामले की जांच एनसीबी तक पहुंची। जांच में दिल्ली-NCR और गुरुग्राम में ड्रग लैब का खुलासा हुआ है, और यह भी पता चला है कि यह नेटवर्क मेक्सिको तक फैला हुआ है।
तस्करी के अन्य सामान
तस्करी का दायरा केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है। पुलिस ने 5,232 किलो चीनी, लहसुन, कद्दू के बीज, ब्राजीलियन मक्का, यूरिया, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और विदेशी कपड़ों समेत अन्य सामान भी बरामद किए हैं।
सुरक्षा उपाय
एएसपी सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर लगातार चेकिंग और पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चला रही है, जिससे तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
