भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड दौरा
ऑकलैंड: न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर हैं। यह पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड में पहला दौरा है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने का संकेत देता है।
औपचारिक स्वागत और द्विपक्षीय वार्ता
10 जुलाई से शुरू हुए इस दौरे में, प्रधानमंत्री मोदी का गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता के बाद, उन्होंने न्यूजीलैंड में व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया और देश के खेल नवाचारों का अवलोकन किया।
रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
दोनों प्रधानमंत्रियों ने मार्च 2025 में पीएम लक्सन के भारत दौरे का उल्लेख किया, जहां भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की और विभिन्न क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पुरानी मित्रता और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को देखते हुए, दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030’ का समर्थन किया।
राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग
दोनों पक्षों ने नियमित आपसी दौरे और बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई, जिसमें क्षेत्रीय और बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान होने वाली बैठकें भी शामिल हैं।
संबंधों को रणनीतिक दिशा देने के लिए, प्रधानमंत्रियों ने विदेश मंत्रियों के बीच नियमित संवाद शुरू करने और वार्षिक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की और नियमित संस्थागत जुड़ाव बनाए रखने पर सहमति जताई। उन्होंने वर्ष 2025 में ‘कंबाइंड टास्क फोर्स 150’ के तहत सहयोग पर विशेष ध्यान दिया।
दोनों पक्ष समुद्री सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए, जिसमें हाल ही में हुए मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट (एमसीए) और अन्य समुद्री गतिविधियों का स्वागत किया गया।
व्यापार और आर्थिक सहयोग
दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा, जिससे यह 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचे।
प्रधानमंत्रियों ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के पूरा होने और उस पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिसे जल्द से जल्द लागू करने पर सहमति बनी।
संस्कृति और शिक्षा में सहयोग
दोनों प्रधानमंत्रियों ने न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और शिक्षा, शोध, विज्ञान और तकनीक में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और आपदा प्रबंधन में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति जताई।
क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग
प्रधानमंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति जताई।
