भारत-पाकिस्तान व्यापार पर नई चर्चा: क्या फिर से शुरू होगा सिल्क रूट?
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार की स्थिति
हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार ठप है, फिर भी पाकिस्तान में भारतीय उत्पादों की पहुंच के आंकड़े इस विषय को फिर से चर्चा में ला रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पाकिस्तान ने भारत से लगभग 5,876 करोड़ रुपये का सामान आयात किया है। इस पर देशभर में बहस चल रही है और कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संदर्भ में, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने राहुल गांधी से सिल्क रूट पर व्यापार को फिर से शुरू करने की अपील की है.
पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान में भारतीय दवाइयों और दवा निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की मांग बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद, रंग, कार्बनिक रसायन, रबर, चाय, कॉफी, सब्जियां, मसाले और अनाज जैसे अन्य सामान भी इस व्यापार में शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि में पाकिस्तान से भारत को कोई सामान निर्यात नहीं किया गया है.
भारतीय सामान पाकिस्तान कैसे पहुंचता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय सामान सीधे पाकिस्तान नहीं भेजा जाता, बल्कि यह संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर और श्रीलंका जैसे तीसरे देशों के माध्यम से वहां पहुंचता है। इस प्रक्रिया में, सामान पहले किसी तीसरे देश में भेजा जाता है और फिर वहां से पुनः निर्यात किया जाता है। हालांकि, पाकिस्तान के आयात आंकड़े यह स्पष्ट नहीं करते कि सामान किस मार्ग से पहुंचा.
व्यापार बंद होने का इतिहास
भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक संबंध 2019 में पुलवामा हमले के बाद से लगातार बिगड़ते गए। भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया था। इसके बाद, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारत ने 24 अप्रैल को अटारी चेक पोस्ट से यात्रियों और सामान की आवाजाही रोक दी। फिर, 2 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात किए गए सामान के सीधे और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। पाकिस्तान ने भी 4 मई 2025 को भारत के साथ व्यापार रोकने का निर्णय लिया.
व्यापार खोलने की मांग
पाकिस्तान के साथ व्यापार बंद होने से सबसे अधिक नुकसान पंजाब को हुआ है। पहले, भारत का सामान पाकिस्तान के माध्यम से अफगानिस्तान, ईरान, और मध्य एशिया के देशों जैसे उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और आगे यूरोप तक पहुंचता था। पहले सड़क और रेल मार्ग से व्यापार होता था, जिससे भारतीय सामान इन देशों के बाजारों में आसानी से पहुंचता था, लेकिन अब यह व्यापार पूरी तरह से ठप है.
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस पार्टी ने सिल्क रूट को फिर से खोलने की मांग की है। पंजाब के राजनीतिक दल समय-समय पर इस मुद्दे को उठाते रहते हैं। 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली में भी यह मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष परगट सिंह ने राहुल गांधी से वादा मांगा कि 2029 में जब वह प्रधानमंत्री बनेंगे, तो सिल्क रूट पर व्यापार को फिर से शुरू करेंगे.
