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भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में नई पहल

भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बांग्लादेश ने भारत से बिजनेस वीजा की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री ने व्यापार में आने वाली बाधाओं और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय कंपनियों को बांग्लादेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और मजबूत हो सकें। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हैं दोनों देशों के बीच व्यापार की संभावनाएं।
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नई दिल्ली में व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिशें


नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास तेज हो गए हैं। बांग्लादेश ने भारत से अपने व्यापारियों के लिए बिजनेस वीजा जल्द जारी करने की मांग की है। उनका मानना है कि यदि दोनों देशों के व्यापारियों के लिए एक-दूसरे के बाजारों में पहुंच आसान हो जाए, तो इससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।


बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री की अपील

बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी व्यापारियों को भारत का बिजनेस वीजा जल्दी मिलना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार भारत आने-जाने में कोई कठिनाई न हो।


व्यापार में आने वाली बाधाएं

मंत्री ने भारत और बांग्लादेश के निजी क्षेत्र के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ऐसी आर्थिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे दोनों को लाभ हो। शमा ओबैद इस्लाम ने व्यापार से संबंधित कुछ चुनौतियों का उल्लेख किया, जैसे गैर-टैरिफ बाधाएं, उत्पादों की गुणवत्ता और परीक्षण से जुड़ी समस्याएं, कागजी कार्रवाई में देरी और बुनियादी ढांचे से संबंधित समस्याएं। उनका मानना है कि इन समस्याओं को कम करने से दोनों देशों के बीच सामान और सेवाओं की आवाजाही को सरल बनाया जा सकता है।


भारतीय कंपनियों के लिए निवेश के अवसर

बांग्लादेश ने भारतीय कंपनियों से वहां निवेश बढ़ाने की अपील की है। मंत्री के अनुसार, बांग्लादेश का बड़ा घरेलू बाजार, कुशल श्रमबल और क्षेत्रीय बाजारों के निकटता भारतीय कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां बांग्लादेश के आर्थिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात इकाइयां स्थापित कर सकती हैं। ऐसे निवेश को बढ़ावा देने से नई तकनीक आएगी, स्थानीय व्यापारियों को काम मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


बांग्लादेश ने भारतीय कंपनियों से रेडीमेड गारमेंट्स, टेक्सटाइल, जूट, चमड़ा, फुटवियर, फार्मास्युटिकल्स, एग्रो-प्रोसेसिंग, सिरेमिक, प्लास्टिक और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाने की भी अपील की है।


भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार का आंकड़ा

भारत और बांग्लादेश के आर्थिक संबंधों में व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका है। 2025-26 में फरवरी तक दोनों देशों के बीच लगभग 11.35 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। बांग्लादेश का मानना है कि बिजनेस वीजा की प्रक्रिया को सरल बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और निवेश को बढ़ावा देने से दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।