भारत में एलपीजी की कीमतों में वृद्धि: घरेलू गैस सिलेंडर की नई दरें
एलपीजी की कीमतों में वृद्धि
LPG Price Hike, नई दिल्ली: रविवार को देश में एक बार फिर एलपीजी के दामों में वृद्धि हुई है। अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। घरेलू गैस की कीमतों में इस वृद्धि के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर महंगाई का बोझ आम जनता पर डालने का आरोप लगाया है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि भारत में एलपीजी की कीमतें कई अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ती हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज संकट
भारत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेजी आई है। अधिकारियों ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में वृद्धि
सरकार ने बताया कि फरवरी में सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस लगभग 543 डॉलर प्रति टन थी, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज संकट के कारण यह इस महीने बढ़कर लगभग 790 डॉलर प्रति टन हो गई है। इसका मतलब है कि पिछले चार महीनों में इसमें लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इसी कारण गैस कंपनियों की लागत बढ़ गई और सिलेंडर की कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
केंद्र और सरकारी तेल कंपनियों का खर्च
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि बाजार मूल्य और एलपीजी की वास्तविक लागत के बीच का अंतर केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों द्वारा उठाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जिसमें से 30 हजार करोड़ रुपये की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति दी है।
होर्मुज संकट के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति
पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक परिवारों को सीधे सब्सिडी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि भारत उन कुछ देशों में से एक है जिसने पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान भी अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने दिया। भारतीय पोत बिना रुकावट होर्मुज मार्ग से तेल और गैस लाते रहे, जिससे देश में गैस की कोई खास कमी नहीं हुई।
