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भारत में किसानों की स्थिति: सब्सिडी और कर्ज का सच

भारत में कृषि का महत्व अत्यधिक है, लेकिन किसानों की स्थिति चिंताजनक है। हर साल हजारों किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि सरकारी सब्सिडी और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। इस लेख में हम जानेंगे कि किसानों को कितनी सब्सिडी दी जा रही है, कर्ज की स्थिति क्या है, और राज्य सरकारों की भूमिका क्या है। क्या सब्सिडी से किसानों की स्थिति में सुधार हो रहा है? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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कृषि का महत्व और किसानों की स्थिति

भारत को कृषि प्रधान देश माना जाता है, जहां लगभग आधी जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। हालांकि, कृषि का योगदान देश की जीडीपी में केवल 18 से 20 प्रतिशत के बीच है। किसानों की कठिनाइयों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल लगभग 10 से 12 हजार किसान आत्महत्या कर लेते हैं, जो कि प्रतिदिन लगभग 30 किसानों के बराबर है। इसके पीछे मुख्य कारण खेती की बढ़ती लागत और मुनाफे में कमी है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि किसानों की थोड़ी बहुत स्थिति सब्सिडी के सहारे ही ठीक है।


सरकारी सब्सिडी की योजनाएं

किसानों को सब्सिडी देने के लिए केंद्र सरकार हर साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करती है। यह सब्सिडी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जाती है, जिसमें खाद, बीज, बिजली, और उपकरणों पर दी जाने वाली सब्सिडी शामिल है।


किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी का विवरण

हाल ही में तृणमूल कांग्रेस की सांसद सजदा अहमद ने संसद में किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में सवाल उठाया था। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 4 अगस्त को इस पर लिखित जवाब दिया। मंत्रालय ने बताया कि देश में दो प्रकार की योजनाएं चल रही हैं: सेंट्रल सेक्टर की योजनाएं और केंद्र द्वारा पोषित योजनाएं। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, बीज, उपकरण, और सिंचाई से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।


सब्सिडी पर खर्च

भारत में किसानों की स्थिति: सब्सिडी और कर्ज का सच


कृषि मंत्रालय ने बताया कि 2021-22 से 2025-26 के बीच सब्सिडी पर 5,62,426 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 311500 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है।


राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी

कई राज्य सरकारें किसानों को सस्ती बिजली प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब सरकार ने 2025-26 में कृषि क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी।


किसानों पर कर्ज का बोझ

भारत में किसानों की स्थिति: सब्सिडी और कर्ज का सच


किसानों को विभिन्न प्रकार के कर्ज भी दिए जाते हैं। 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 10.39 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था।


खाद पर सब्सिडी

भारत सरकार हर साल खाद पर अरबों रुपये खर्च करती है। यह सब्सिडी सीधे कंपनियों को दी जाती है और किसानों के लिए चलने वाली योजनाओं में शामिल नहीं होती।