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भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए डे केयर कैंसर सेंटर की स्थापना

भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत 3,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वर्तमान में, देश में 524 ऐसे केंद्र कार्यरत हैं, जबकि कई राज्यों में अभी भी कैंसर सेंटर की कमी है। जानें, किन राज्यों में बेहतर सुविधाएं हैं और किन राज्यों में शून्य कैंसर सेंटर हैं।
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भारत में कैंसर के मामलों की स्थिति

विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबंधित 'इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर' द्वारा जारी GLOBOCAN 2024 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल कैंसर के 15 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं। इन बढ़ते मामलों का सामना करने के लिए, केंद्र सरकार ने देशभर के जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर बनाने के लिए 3,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में बताया कि यह योजना 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी। इन केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तीन साल के भीतर पूरा करना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में देश में कुल 524 डे केयर कैंसर सेंटर कार्यरत हैं।


राज्यों में डे केयर कैंसर सेंटर की स्थिति

आंध्र प्रदेश में 23, मध्य प्रदेश में 52, राजस्थान में 41, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 38-38, गुजरात में 36, तेलंगाना में 34, बिहार और ओडिशा में 32-32, छत्तीसगढ़ में 26, केरल में 28 और उत्तर प्रदेश में 21 केंद्र सक्रिय हैं। कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी तक कोई केंद्र नहीं है।


आंध्र प्रदेश के लिए 2025-26 में 14 नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक केंद्र के लिए 2.40 करोड़ रुपये और दूसरे वर्ष से हर साल 1.49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


कैंसर डे केयर सेंटर की स्वीकृति प्रक्रिया

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यकताओं के अनुसार गैप एनालिसिस करके नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के तहत प्रस्ताव भेजने होते हैं। यदि कोई राज्य अतिरिक्त केंद्र चाहता है, तो उसकी जांच की जाती है। अब तक 313 ऐसे केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है।


राज्यवार आंकड़े

राज्यवार डे केयर कैंसर सेंटर की स्थिति:



  • मध्य प्रदेश-52

  • राजस्थान-41

  • तमिलनाडु-38

  • पश्चिम बंगाल-38

  • गुजरात-36

  • तेलंगाना-34

  • बिहार-32

  • ओडिशा-32

  • केरल-28

  • छत्तीसगढ़-26

  • आंध्र प्रदेश-23

  • उत्तर प्रदेश-21


कम आंकड़े वाले राज्य


  • कर्नाटक-16

  • हिमाचल प्रदेश-13

  • उत्तराखंड-13

  • जम्मू और कश्मीर-12

  • हरियाणा-10

  • महाराष्ट्र-9

  • मणिपुर-8

  • पंजाब-7

  • असम-6

  • दिल्ली-6

  • नागालैंड-5

  • मेघालय-4

  • त्रिपुरा-3

  • गोवा-2

  • मिजोरम-2

  • लद्दाख-2

  • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव-2

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह-1

  • अरुणाचल प्रदेश-1

  • लक्षद्वीप-1


क्यों कुछ राज्यों में शून्य कैंसर डे केयर सेंटर हैं?

चंडीगढ़, झारखंड, पुडुचेरी और सिक्किम जैसे राज्यों में एक भी डे केयर कैंसर सेंटर नहीं हैं। अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में केवल एक-एक केंद्र हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार हर राज्य में सेंटर की संख्या तय नहीं करती। यह प्रक्रिया राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पहल पर निर्भर करती है।


नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि राज्य सरकारें प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन प्लान (PIP) के माध्यम से प्रस्ताव भेजती हैं। यदि राज्य ने प्रस्ताव नहीं भेजा या देर से भेजा, तो सेंटर की स्वीकृति में देरी हो सकती है।


अंतिम विचार

चंडीगढ़, पुडुचेरी और सिक्किम जैसे क्षेत्रों में डे केयर सेंटर की संख्या कम है। DCCC मॉडल आमतौर पर जिला अस्पतालों में स्थापित होते हैं, जिससे इनकी संख्या कम होती है। झारखंड से प्राप्त आंकड़े चौंकाने वाले हैं। योजना अभी तीन साल की समयसीमा में है, और राज्यों में प्रारंभिक प्रगति कम हो सकती है, लेकिन भविष्य में उनके प्रस्ताव स्वीकृत हो सकते हैं।