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भारत में चिकित्सा यात्रा का बढ़ता खर्च: एक नई रिपोर्ट

हाल ही में नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में चिकित्सा यात्रा का खर्च पर्यटन से अधिक हो गया है। इस रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य यात्रा पर होने वाले खर्च का विश्लेषण किया गया है। इसके अलावा, तीर्थयात्रा, सामाजिक और व्यवसायिक यात्रा के खर्च के बारे में भी जानकारी दी गई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास बातें हैं।
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चिकित्सा यात्रा की बढ़ती लागत

नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि देश में चिकित्सा यात्रा की लागत पर्यटन से कहीं अधिक हो रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा प्रस्तुत डोमेस्टिक टूरिज्म एक्सपेंडीचर सर्वे 2026 में उल्लेख किया गया है कि पिछले एक वर्ष में स्वास्थ्य और चिकित्सा के उद्देश्य से की गई यात्राएं सबसे अधिक रही हैं।


ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खर्च का अंतर

इस सर्वे के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य यात्रा पर औसतन 29,454 रुपये खर्च हुए, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह राशि बढ़कर 41,649 रुपये हो गई। यह आंकड़ा अन्य यात्रा प्रकारों जैसे पर्यटन, तीर्थयात्रा और खरीदारी की तुलना में सबसे अधिक है। यह सर्वे जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच किया गया था।


तीर्थयात्रा का बढ़ता प्रचलन

सर्वे में यह भी सामने आया है कि पिछले 365 दिनों में हुई ओवर नाइट यात्राओं में तीर्थयात्रा और धार्मिक यात्रा का हिस्सा सबसे अधिक रहा। हर 100 यात्राओं में लगभग 48 तीर्थ यात्रा के लिए की गईं, जबकि स्वास्थ्य के लिए यात्रा करने वालों की संख्या कुल यात्राओं का लगभग 30 प्रतिशत रही। हालांकि, तीर्थयात्रा पर खर्च चिकित्सा यात्रा के मुकाबले कम रहा।


सामाजिक और व्यवसायिक यात्रा का खर्च

सर्वे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि पिछले 30 दिनों में की गई यात्राओं में सामाजिक कारणों से यात्रा करने वालों की संख्या सबसे अधिक थी। हर 100 यात्राओं में से 89 सामाजिक कारणों से की गईं, लेकिन खर्च व्यवसायिक यात्रा पर सबसे अधिक हुआ। ग्रामीण परिवारों ने व्यवसायिक यात्रा पर औसतन 5,179 रुपये और शहरी परिवारों ने 6,934 रुपये खर्च किए।


शॉपिंग पर खर्च का बढ़ता चलन

सर्वे के अनुसार, बिना रात गुजारे जाने वाली यानी सेम डे ट्रिप में सामाजिक और शॉपिंग के उद्देश्य से सबसे अधिक यात्राएं हुईं। इनमें शॉपिंग पर सबसे अधिक खर्च हुआ, जबकि स्वास्थ्य और चिकित्सा के लिए की गई सेम डे ट्रिप पर खर्च दूसरे स्थान पर रहा। कुल मिलाकर, ग्रामीण परिवारों ने अपने सेम डे ट्रिप खर्च का 51 प्रतिशत और शहरी परिवारों ने 41 प्रतिशत हिस्सा शॉपिंग पर खर्च किया।


यातायात के साधनों का चयन

NSO के सर्वे के अनुसार, ओवर नाइट यात्राओं के लिए ग्रामीण परिवार बस का सबसे अधिक उपयोग करते हैं, जबकि शहरी परिवारों के लिए ट्रेन प्राथमिकता है। ठहरने के मामले में, शहरी यात्री होटल और गेस्ट हाउस को पसंद करते हैं, जबकि ग्रामीण यात्री अक्सर अपने घर या गैर व्यावसायिक स्थानों पर रुकना पसंद करते हैं।


आकर्षक इन्फोग्राफिक्स

भारत में चिकित्सा यात्रा का बढ़ता खर्च: एक नई रिपोर्ट


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