भारत में जल संकट: प्रमुख जलाशयों में पानी की कमी
जलाशयों में पानी की स्थिति
देश के 17 प्रमुख जलाशयों में सामान्य जल भंडारण का 50% से भी कम पानी दर्ज किया गया
जल संकट, नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश के बावजूद, कई जलाशय सामान्य स्तर तक नहीं भर पाए हैं। वर्तमान में, देश के 166 प्रमुख जलाशयों में केवल 32.38 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। जल विशेषज्ञ श्यामल सरकार ने बताया कि जल संकट का समाधान केवल जल भंडारण बढ़ाने से नहीं होगा, बल्कि पानी की बढ़ती मांग का प्रभावी प्रबंधन भी आवश्यक है।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
अगर जुलाई और अगस्त में बारिश की कमी रही, तो यह खरीफ और रबी फसलों की सिंचाई, शहरों में पेयजल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस समय देश में बाढ़ और सूखे की स्थिति एक साथ देखी जा रही है।
जलाशयों में पानी की कमी
केंद्रीय जल आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 166 बड़े जलाशयों में पानी का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। 16 जुलाई की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन जलाशयों में कुल 63.249 अरब घन मीटर पानी है, जो उनकी कुल क्षमता का लगभग 34.46% है।
किस राज्यों में स्थिति गंभीर है
बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों में जल संकट की स्थिति सबसे चिंताजनक है। राजस्थान में 693 बांधों में केवल 45.54% पानी बचा है, जबकि कुछ जलाशयों में सामान्य स्तर का 10% से 30% तक ही पानी है।
जलाशयों की स्थिति
हालांकि जलाशयों की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। देश के 17 प्रमुख जलाशयों में सामान्य जल भंडारण का 50% से भी कम पानी है। इनमें बिहार का चंदन बांध, गुजरात का अंडर-1, हिमाचल प्रदेश का कोल बांध, कर्नाटक के प्रमुख जलाशय शामिल हैं।
राजस्थान में जल संकट
राजस्थान में कमजोर मानसून का प्रभाव स्पष्ट है। राज्य के 693 बांधों में केवल 5,932.96 एमक्यूएम पानी बचा है, जो कुल क्षमता का 45.54% है।
बिहार और तेलंगाना की स्थिति
बिहार के जलाशयों में पानी की स्थिति चिंताजनक है, विशेषकर चंदन जलाशय में। वहीं, तेलंगाना के प्रमुख जलाशयों में भी पानी की कमी है।
कर्नाटक और पंजाब में जल संकट
कर्नाटक के कई जलाशयों में भी स्थिति गंभीर है। पंजाब का प्रमुख जलाशय अपनी क्षमता के लगभग 30% स्तर पर है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पश्चिम बंगाल और झारखंड
पश्चिम बंगाल के कंगसाबती जलाशय में पानी सामान्य से कम है। झारखंड में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कई जलाशय अभी भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंचे हैं।
