भारत में पर्यटन क्षेत्र का विकास: रोजगार और निवेश के नए अवसर
भारत का पर्यटन क्षेत्र: आर्थिक योगदान और रोजगार
भारत का पर्यटन उद्योग अब देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान लगभग 5.22 प्रतिशत है। वर्ष 2023-24 में भारतीय पर्यटन क्षेत्र ने लगभग 8.46 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया, जो कि 2019-20 में 6.94 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। भारत में पर्यटन तेजी से विकसित हो रहा है।
टीयर 2-3 शहरों में रोजगार का विस्तार
बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहर भी पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 17 अप्रैल 2023 तक, देशभर के 262 जिलों में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर के 1,497 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सक्रिय थे, जिन्होंने लगभग 13,919 लोगों को रोजगार दिया। इनमें से 58 प्रतिशत स्टार्टअप टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में स्थित हैं। पर्यटन का रोजगार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है।

स्टार्टअप्स का बढ़ता क्रेज
टूरिज्म सैटेलाइट अकाउंट के आंकड़ों के अनुसार, ये स्टार्टअप ट्रैवल टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन बुकिंग, होमस्टे, ग्रामीण और अनुभवात्मक पर्यटन से संबंधित हैं। स्मार्ट मोबिलिटी और AI से जुड़े स्टार्टअप भी भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। हाइवे डिलाइट, हाइवे पर सुविधाओं का डिजिटल नेटवर्क तैयार करता है, जबकि विलोटेल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देता है। उड़चलो 28 लाख से अधिक रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को यात्रा सेवाएं प्रदान कर रहा है।
पर्यटन में निवेश और प्रशिक्षण
पर्यटन क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए 'कैपिसिटी बिल्डिंग फॉर सर्विस प्रोवाइडर्स स्कीम (CBSP)' चलाई जा रही है। स्थानीय समुदायों और वंचित वर्गों के युवाओं को अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 से 2024-25 के बीच 1.68 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।

सरकार की भविष्य की योजनाएं
छोटे शहरों में रोजगार बढ़ाने के लिए सड़क संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। अब तक 687 RCS उड़ान रूट्स के माध्यम से 95 एयरपोर्ट को जोड़ा गया है। उड़ान योजना के तहत 2026-27 से 2035-36 तक 28,840 करोड़ रुपये के बजट से 100 एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने की योजना है। कम पहुंच वाले क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत 57 पर्यटन स्थलों को विकास के लिए 2025 में नोटिफाई किया था। पहले चरण में बौद्ध, तटीय, विरासत, आध्यात्मिक, पूर्वोत्तर समेत विभिन्न थीम सर्किटों पर 76 परियोजनाएं मंजूर की गई थीं। इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि लगभग 5,294 करोड़ रुपये है।

स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत आंध्र प्रदेश के गंडीकोटा, बिहार के गया, गुजरात के धोलावीरा, कर्नाटक के हम्पी, केरल के कुमारकोम, और राजस्थान के बूंदी जैसे टीयर 2-3 शहरों को संवारा जा रहा है।
