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भारत में पासपोर्ट शुल्क में वृद्धि: नई दरें एक जुलाई से लागू

भारत सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस में वृद्धि की है, जो एक जुलाई 2026 से लागू होगी। नई दरों के अनुसार, सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की फीस में एक हजार रुपये तक का इजाफा हुआ है। इस लेख में जानें नई फीस की पूरी जानकारी और इसके प्रभाव के बारे में।
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पासपोर्ट शुल्क में बदलाव

नई दिल्ली। भारत सरकार ने पासपोर्ट बनाने की लागत में वृद्धि की है। यह नई दरें एक जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए यह नई शुल्क संरचना निर्धारित की गई है।

एक जुलाई से लागू होने वाली नई दरों के अनुसार, आवेदकों पर एक हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सामान्य 36 पन्नों के पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है। वहीं, तत्काल सेवा की फीस जो पहले 3,500 रुपये थी, अब 5,000 रुपये हो गई है।

नई व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणियों के पासपोर्ट आवेदन के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, जिससे शुल्क संरचना को सरल और स्पष्ट बनाया जा सके। नए नियमों में यह भी उल्लेख किया गया है कि 15 से 18 वर्ष के नाबालिग, जो वयस्क श्रेणी में आवेदन करते हैं, उन्हें भी वही शुल्क देना होगा जो वयस्कों पर लागू है।

पासपोर्ट की नई फीस विवरण:
36-पन्नों का पासपोर्ट - 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपये
36-पन्नों का तत्काल पासपोर्ट - 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपये
60-पन्नों का सामान्य पासपोर्ट - 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपये
60-पन्नों का तत्काल पासपोर्ट - 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपये