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भारत में मानसून की बारिश से बाढ़ और तबाही का खतरा

भारत में मानसून की बारिश ने कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और जलभराव की घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन ने कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है, और राहत कार्य जारी हैं। जानें किस क्षेत्र में क्या हालात हैं और आगे क्या संभावनाएं हैं।
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मानसून की बारिश से बाढ़ की स्थिति

भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून ने तेजी पकड़ ली है। पिछले 24 से 48 घंटों में जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आज भी रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है.


पुंछ में बारिश से तबाही

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के लोरन क्षेत्र में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। यहां बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। इस घटना में एक ही परिवार के सात सदस्यों की जान चली गई, जबकि कई क्षेत्रों में सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। राजौरी और पुंछ में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। IMD ने 24 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है और कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया है.


मौतों का बढ़ता आंकड़ा

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रशासन के अनुसार, पिछले 48 घंटों में विभिन्न हादसों में 22 से अधिक मौतों की पुष्टि हुई है। इन लगातार हो रही मौतों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में शोक की लहर फैला दी है। लोरन में जिस परिवार ने अपनी जान गंवाई, उनका दुख पूरे क्षेत्र का दुख बन गया है.


हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड का खतरा

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला सहित कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। लाहौल-स्पीति के खांगसर और शुगू गांवों तथा चंबा की पांगी घाटी में बादल फटने से खेतों में भारी मलबा घुस गया है, जिससे नकदी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। आज भी हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है.


उत्तराखंड में भी स्थिति गंभीर

हिमाचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड की आशंका बनी हुई है और कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित होने की खबरें हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.


यूपी और बिहार में बाढ़ की आशंका

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले दो दिनों से कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो रही है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। IMD ने दोनों राज्यों के कई जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.


पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में गंभीर हालात

पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। असम के शिवसागर जिले के नाज़िरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी चाय बागानों तक पहुंच गया है, जिससे 57 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश के कारण कई गांवों और खेतों में पानी भर गया है। अब तक असम में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 5 हो गई है.


अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में आने वाले कुछ दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा।