भारत में मानसून की सक्रियता: भारी बारिश की चेतावनी
मानसून का प्रभाव
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है, जिसमें दिल्ली से लेकर कश्मीर तक बारिश हो रही है। अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसमें धूप और बारिश दोनों शामिल हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़, विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास बने गहरे निम्न दबाव के कारण कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है।
भारी बारिश की संभावना
31 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 31 जुलाई और 1 अगस्त को गुजरात में भी कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है। IMD ने इन स्थानों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
कहाँ हो रही है बारिश?
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बारिश हुई, जहाँ कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर से अधिक पानी गिरा। तेलंगाना, विदर्भ, ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
मौसम का पूर्वानुमान
उत्तर भारत में अगले 4-5 दिनों तक हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 31 जुलाई से 5 अगस्त तक लगातार बारिश का अनुमान है।
पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल में भी बारिश जारी रहेगी।
दक्षिण भारत में मौसम
दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तटीय आंध्र और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 31 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश हो सकती है।
दिल्ली-NCR का मौसम
दिल्ली-NCR में अगले चार दिनों तक बादल छाए रहेंगे। 31 जुलाई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। अधिकतम तापमान 32-35 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
सतर्कता की आवश्यकता
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने के कारण 1 से 4 अगस्त तक समुद्र में जाने से बचना चाहिए। भारी बारिश और तेज हवाओं से कमजोर मकान, पेड़ और फसलें प्रभावित हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी पर ध्यान दें, सुरक्षित स्थान पर रहें और बिजली गिरने पर सावधानी बरतें।
