भारत में मानसून के अंतिम चरण में भारी बारिश की चेतावनी
देशभर में बारिश का सिलसिला जारी
मानसून के अंतिम चरण में, भारत के विभिन्न राज्यों में बारिश का क्रम जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार 30 सितंबर को पूर्वोत्तर के कई राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। IMD ने असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण भारत में बारिश की संभावना
इसके साथ ही, दक्षिण भारत के केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बुधवार को बारिश का असर देखने को मिल सकता है। 30 सितंबर को विभिन्न स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधि में कमी आने का अनुमान है। बिहार में भी 30 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन पूरे राज्य में मौसम एक समान नहीं रहेगा।
दिल्ली में आज बारिश की उम्मीद नहीं है, और आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। शाम और रात में हवा की गति लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। दिन में धूप भी तेज रहने की संभावना है।
हाल की बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से आए मौसम सिस्टम और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का योगदान रहा है। उत्तर भारत में यह सिस्टम अब कमजोर हो रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, आज भी पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत में, उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
तमिलनाडु और रायलसीमा में आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना है। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक का मौसम
मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल में भी बिजली चमकने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम का प्रभाव
इसके अलावा, समुद्री क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
