भारत में मॉनसून के अंतिम चरण में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम का हाल
देश में मॉनसून का समापन हो रहा है, लेकिन इसके जाते-जाते बारिश ने फिर से जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 सितंबर को भारत के कई क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने पूर्वी राजस्थान में व्यापक बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना जताई गई है.
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम
17 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी इसी दिन बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं बारिश और आंधी की संभावना बनी रहेगी.
मध्य भारत में मौसम की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में, 22 सितंबर को विदर्भ में और 19 से 22 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। इसके अलावा, 20 से 22 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में और 19 से 22 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना है.
पूर्वी भारत में मौसम
16 से 22 सितंबर के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 22 सितंबर को बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। बिहार और झारखंड में भी बारिश की संभावना बनी हुई है.
पूर्वोत्तर भारत का मौसम
17 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है। 18 से 22 सितंबर के बीच असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की संभावना है। 16 से 20 सितंबर के दौरान इन क्षेत्रों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
पश्चिम भारत में मौसम
17 से 19 सितंबर के बीच गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी बारिश की संभावना है। 17 से 22 सितंबर के दौरान कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना है.
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम
17 से 22 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश की संभावना है। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी 16 से 18 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधि रहेगी.
