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भारत में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत

भारत के विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। जानें इस अभियान का उद्देश्य, प्रक्रिया और मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी। क्या होगा यदि घर पर ताला लगा हो? क्या पहचान पत्र की आवश्यकता है? सभी सवालों के जवाब इस लेख में दिए गए हैं।
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मतदाता सत्यापन अभियान का आरंभ

दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में चुनाव आयोग ने मंगलवार से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान, प्रत्येक परिवार को एन्यूमरेशन फॉर्म दिया जाएगा, जिसे बाद में भरकर वापस लिया जाएगा। इस SIR को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।


अभियान का उद्देश्य

चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से अपडेट करना है, ताकि केवल योग्य व्यक्तियों के नाम ही सूची में शामिल रहें और अयोग्य लोगों के नाम हटा दिए जाएं। सत्यापन प्रक्रिया के बाद, 5 अगस्त को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद, 5 अगस्त से 4 सितंबर तक लोग अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अंततः, 7 अक्टूबर को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।


घर पर ताला होने पर क्या होगा?

लोगों को यह चिंता होती है कि यदि वे किसी काम से बाहर हैं और घर पर ताला लगा है, तो क्या उनका वोट कट जाएगा? चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होगा। यदि आपका घर बंद मिलता है, तो BLO वहां फॉर्म छोड़ देंगे और वे आपके घर के कम से कम तीन बार चक्कर लगाएंगे। इसके अलावा, आप चाहें तो BLO का इंतजार किए बिना चुनाव आयोग के आधिकारिक वोटर पोर्टल पर जाकर इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते हैं।


SIR से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

क्या पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज जमा करना होगा?
नहीं, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म के साथ आपको कोई भी दस्तावेज भौतिक रूप से जमा करने की आवश्यकता नहीं है।


फॉर्म भरने के लिए किन जानकारियों की आवश्यकता होगी?
मौजूदा वोटरों को फॉर्म भरते समय पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी अपनी पुरानी वोटर डिटेल्स देनी होंगी।


यदि पुरानी वोटर डिटेल्स याद न हों तो क्या करें?
आप चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने वोटर आईडी (EPIC) नंबर, नाम या पोलिंग स्टेशन की मदद से अपनी डिटेल्स ऑनलाइन खोज सकते हैं।


यदि पिछली बार मेरा नाम लिस्ट में नहीं था तो किसकी डिटेल देनी होगी?
अगर आपका नाम नहीं था लेकिन आपके माता-पिता या दादा-दादी का नाम था, तो आप फॉर्म में उनकी डिटेल भर सकते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं और पिछली लिस्ट में आपका नाम नहीं था, तो आपको अपने माता-पिता की डिटेल देनी होगी।


किसी भी समस्या या मदद के लिए कहां संपर्क करें?
वोटर किसी भी सहायता के लिए चुनाव आयोग के हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, 'बुक-ए-कॉल' सुविधा के जरिए अपने BLO से बात कर सकते हैं या नजदीकी वोटर सेंटर/जिला चुनाव कार्यालय जा सकते हैं।