Newzfatafatlogo

भारत-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन व्यापार समझौते पर चर्चा

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन के व्यापार मंत्री के साथ भारत-ईएईयू मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की। इस बैठक में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और बाजार पहुंच को विस्तार देने के तरीकों पर विचार किया गया। गोयल ने बताया कि चर्चा में फार्मास्यूटिकल्स, प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के परिणाम और भारत के व्यापार नेटवर्क के विस्तार की योजनाएं।
 | 

भारत और ईएईयू के बीच व्यापार वार्ता

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने प्रस्तावित भारत-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत को तेज करने के लिए यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन के व्यापार मंत्री आंद्रेई स्लेपनेव के साथ चर्चा की।


बैठक के बाद गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, “भारत-ईएईयू एफटीए वार्ता को तेज करने, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और बाजार पहुंच का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा की।”


उन्होंने बताया कि चर्चा में फार्मास्यूटिकल्स, प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।


केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत-ईएईयू आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर विचार किया गया।


ईएईयू, जिसमें आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस शामिल हैं, भारत के साथ व्यापार और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।


ईएईयू एफटीए वार्ता में तेजी लाने का यह प्रयास तब हो रहा है जब भारत अपने व्यापार समझौतों के नेटवर्क का विस्तार करने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।


इस महीने की शुरुआत में गोयल ने कहा था कि यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देश भारत-ईयू एफटीए का समर्थन करते हैं और इसे जल्द लागू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी करना चाहते हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते पर दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुशलतापूर्वक बातचीत की गई है।


भारत-ईयू समझौते से मछली पालन, कपड़ा और फुटवियर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लागू होने के बाद रसायन और फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्यात में भी वृद्धि की संभावना है।


सरकार द्वारा अगस्त में जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात रिकॉर्ड 863.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात शामिल है।