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भारत, रूस और चीन: SCO सम्मेलन में वैश्विक ताकतों की नई पहचान

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत की वैश्विक स्थिति को मान्यता मिली। बेलारूस के राष्ट्रपति ने भारत, रूस और चीन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली ताकतें बताया। इस सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील की गई और 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जानें इस सम्मेलन के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
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बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन का महत्व

बिश्केक: किर्गिस्तान की राजधानी में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत की बढ़ती वैश्विक स्थिति को मान्यता मिली। बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत की प्रशंसा करते हुए इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक बताया। उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बिना भारत, रूस और चीन को वैश्विक शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश करार दिया। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया।


लुकाशेंको का बयान: पश्चिम में हलचल

सम्मेलन में बोलते हुए लुकाशेंको ने कहा कि भले ही मंच पर सभी देश समान दिखें, लेकिन असलियत यह है कि केवल तीन देश ही सबसे ताकतवर हैं। उन्होंने चीन, रूस और भारत को आर्थिक और सैन्य दृष्टि से संपन्न परमाणु शक्तियों के रूप में पेश किया। लुकाशेंको का यह बयान भारत की यूरेशियाई राजनीति में मजबूत स्थिति को दर्शाता है।


बिश्केक घोषणा-पत्र: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता

सम्मेलन के अंत में सभी सदस्य देशों ने मिलकर 'बिश्केक घोषणा-पत्र' जारी किया, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हस्ताक्षर किए। इस घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरे मापदंड' को खारिज किया गया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की अपील की गई। इसके साथ ही, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाले आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सूचना सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने पर सहमति बनी।


पीएम मोदी का कड़ा संदेश

सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की उपस्थिति में आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों की आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद को 'सरकारी नीति' के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों का सामूहिक मुकाबला करना आवश्यक है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक सार्वभौमिक केंद्र की स्थापना सहित 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह घोषणापत्र मध्य एशिया और यूरेशियाई क्षेत्र में कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है। अगला SCO शिखर सम्मेलन 2027 में पाकिस्तान में आयोजित होगा।