भारतीय जनता पार्टी में कैबिनेट फेरबदल की तैयारी, नए चेहरों को मिलेंगे मौके
कैबिनेट में संभावित बदलाव
भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रमुख नेताओं के मंत्रालयों में परिवर्तन हो सकता है, जबकि कुछ पुराने चेहरों को हटाया जा सकता है। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नए चेहरों को अवसर देने की तैयारी कर रही है। पंजाब से उत्तराखंड तक नए सांसदों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। 2 जुलाई को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष ने तीन घंटे तक एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें नई टीम की रूपरेखा तैयार की गई।
नई टीम का गठन
बीजेपी की नई टीम का नेतृत्व नितिन नवीन करेंगे। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनावों को भी इस कैबिनेट फेरबदल के माध्यम से साधने का प्रयास कर रही है। नितिन नवीन और पीएम मोदी की नई टीम में युवा और नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। अनुभवी नेताओं के साथ-साथ मिलेनियल पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को भी स्थान दिया जाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, महासचिवों, सचिवों और केंद्रीय मीडिया टीम के पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं।
संभावित नए चेहरे
आरबीआई के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। अनुराग ठाकुर, जो 2024 में मंत्रिमंडल गठन के बाद से मोदी कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहे, उनकी वापसी की संभावना है। उनके पास वित्त, खेल और सूचना प्रसारण मंत्रालय का अनुभव है।
पंजाब से तरुण चुघ को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा को भी पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए कैबिनेट में स्थान मिल सकता है।
स्मृति ईरानी पार्टी और संगठन में सक्रिय हैं। 2019 में राहुल गांधी को हराने के बाद, उन्हें 2024 में अमेठी से हारने के बाद कैबिनेट में स्थान नहीं मिला था, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना है।
सहयोगी दलों को संभावित लाभ
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की बढ़ती ताकत को देखते हुए श्रीकांत शिंदे या उनके समर्थित नेता को कैबिनेट में स्थान मिल सकता है। नीतीश कुमार को केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है या उनके निर्देश पर नए मंत्रियों को जगह दी जा सकती है। संजय दिना पाटिल को स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शामिल करने पर चर्चा चल रही है।
चिंता में मंत्री
निर्मला सीतारमण ने लगातार 9 बार बजट पेश किया है, लेकिन उनके मंत्रालय में बदलाव की संभावना है। उन्हें शिक्षा मंत्रालय मिल सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आम जनता का गुस्सा बढ़ रहा है, इसलिए उनका विभाग भी बदला जा सकता है।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे मंत्रियों की कैबिनेट से विदाई हो सकती है, और उन्हें राज्य स्तरीय संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
गिरिराज सिंह की स्थिति भी अस्थिर है, और पार्टी उनकी छुट्टी या विभाग में बदलाव कर सकती है।
रवनीत सिंह बिट्टू की भूमिका भी बदल सकती है, उन्हें पंजाब चुनावों के कारण बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
