भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराया
भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
नई दिल्ली. भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में निराशाजनक प्रदर्शन किया, जबकि महिला टीम ने टेस्ट क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखा। लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार महिला टीमों के बीच टेस्ट मैच का आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक मुकाबले में मेज़बान इंग्लैंड को भारतीय टीम ने करारी हार दी। कांति गौड और यस्तिका भाटिया ने शानदार प्रदर्शन किया, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
भारतीय प्रशंसक श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 0-4 की टी20 श्रृंखला हार को भुलाने का प्रयास कर रहे थे, तभी हरमनप्रीत कौर की टीम ने इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर दिल जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने न केवल लॉर्ड्स में इतिहास रचा, बल्कि इंग्लैंड में अपने अजेय रिकॉर्ड को भी बनाए रखा।
भारत की 270 रन की बड़ी जीत
लॉर्ड्स में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 285 रन बनाए। ओपनर स्मृति मंधाना ने 83 रन, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन और दीप्ति शर्मा ने 57 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की टीम जब पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी, तो कांति गौड के शानदार गेंदबाजी के सामने पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। इससे भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने यस्तिका भाटिया के 113 रन, स्मृति मंधाना के 70 रन और ऋचा घोष के 50 रन की मदद से 7 विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की। इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन वे 186 रन पर ही ढेर हो गए।
क्रांति गौड़ का नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर
लॉर्ड्स के मैदान पर उतरने से पहले कांति गौड़ ने कहा था कि वह अपना नाम ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज कराना चाहती हैं। उन्होंने अपनी पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 17 ओवर में 37 रन देकर 5 विकेट लिए, जिससे उनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया।
यास्तिका भाटिया ने रच दिया इतिहास
यस्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार पारी खेलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया। वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। इस उपलब्धि के साथ उनका नाम भी लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया।
