भारतीय रेलवे की सुविधाओं में गंभीर कमी: CAG की रिपोर्ट
भारतीय रेलवे का विशाल नेटवर्क
भारतीय रेलवे, जो कि विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, ने पिछले 12 वर्षों में 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि 2014 से जून 2026 तक रेलवे में 5.56 लाख लोगों की भर्ती की गई है। वर्तमान में रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 11.75 लाख से अधिक है। इतना बड़ा विभाग होने के नाते, रेलवे का बजट 2017 तक आम बजट से अलग पेश किया जाता था। हालांकि, दशकों के सुधारों के बावजूद, रेलवे विभाग की स्थिति कई मामलों में चिंताजनक बनी हुई है.
CAG की रिपोर्ट में नॉन-सबअर्बन स्टेशनों की स्थिति
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने नॉन-सबअर्बन ग्रुप (NSG) श्रेणी के रेलवे स्टेशनों का सर्वेक्षण किया। इस सर्वे में 16 जोनल रेलवे के 512 स्टेशनों के नमूने लिए गए। भारतीय रेलवे में कुल 5908 ऐसे स्टेशन हैं। CAG की रिपोर्ट में नॉन-सबअर्बन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और स्वच्छता में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है।
रेलवे स्टेशनों की स्थिति
भारतीय रेलवे के अंतर्गत नॉन-सबअर्बन ग्रुप (NSG) श्रेणी के 5,908 स्टेशन हैं। रेलवे प्रतिदिन लगभग 7,424 नॉन-सबअर्बन यात्री ट्रेनें चलाता है। 2023 से 2024 के बीच 292.4 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन यात्रा की। ऑडिट के लिए 512 स्टेशनों का चयन किया गया, जिसमें 187 अमृत भारत स्टेशन और 325 गैर-अमृत भारत स्टेशन शामिल थे।
बुनियादी सुविधाओं की कमी
CAG की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि 512 स्टेशनों में से 458, यानी लगभग 89 प्रतिशत स्टेशनों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इन स्टेशनों पर पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्लेटफॉर्म शेड, पंखे और वाटर कूलर जैसी आवश्यक चीजें उपलब्ध नहीं थीं। केवल 54 स्टेशनों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं, जो कि केवल 11 प्रतिशत है.
दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की कमी
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत आवश्यक सुविधाएं भी कई स्टेशनों पर अनुपस्थित हैं। 512 स्टेशनों में से 227 पर बैरियर-फ्री एंट्री के लिए उचित रैंप नहीं हैं। 55 प्रतिशत स्टेशनों पर दिव्यांगों के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति
स्वच्छता के मामले में भी स्थिति चिंताजनक है। रेलवे प्रशासन की जांच में पाया गया कि 301 स्टेशनों पर आवारा कुत्ते घूम रहे थे। 512 में से 441 स्टेशनों पर इमरजेंसी मेडिकल रूम या अनुशंसित मेडिकल बॉक्स नहीं था।
CAG की सिफारिशें
CAG ने रेलवे को सलाह दी है कि सभी स्टेशनों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। दिव्यांगों के लिए सुविधाएं बेहतर की जाएं और पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच प्रोटोकॉल के अनुसार की जाए।
