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भारतीय रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं की कमी: CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

हाल ही में जारी CAG की रिपोर्ट में भारतीय रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं की कमी का गंभीर खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 89% से अधिक स्टेशन आवश्यक मानकों पर खरे नहीं उतरते, जबकि 96% स्टेशनों पर शौचालयों की सुविधाएं भी अनुपस्थित हैं। केवल 54 स्टेशन ही न्यूनतम सुविधाओं के मानकों को पूरा करते हैं। इस स्थिति ने यात्रियों को परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर दिया है। जानें और क्या-क्या समस्याएं सामने आई हैं।
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रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं की स्थिति

भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को स्टेशनों पर आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में जारी CAG की ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि देश के 89% से अधिक रेलवे स्टेशन, यानी हर 10 में से लगभग 9 स्टेशन, आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं (MEA) के मानकों पर खरे नहीं उतरते। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 96% रेलवे स्टेशनों पर शौचालयों की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।


 


रेलवे बोर्ड ने अप्रैल 2018 में सभी स्टेशनों पर पानी, वेटिंग हॉल, बैठने की जगह, शेड, शौचालय, फुट ओवर ब्रिज और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य की थीं। CAG की संयुक्त जांच में 512 स्टेशनों का नमूना लिया गया, जिसमें से केवल 54 स्टेशन, यानी 11% से भी कम, आवश्यक सुविधाओं के मानकों पर खरे उतरे। शेष 458 स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं या तो अनुपस्थित थीं या फिर मानकों के मुकाबले बहुत कम थीं।


54 स्टेशन मानकों पर खरे उतरे

CAG की रिपोर्ट के अनुसार, जिन 54 स्टेशनों ने न्यूनतम सुविधाओं के मानकों को पूरा किया है, उनमें गोरखपुर जंक्शन, आगरा कैंट, इंदौर, जयपुर, कोटा, नागपुर, नासिक रोड, पाटलिपुत्र और टाटानगर जैसे स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा बनारस, रांची, बीकानेर, श्रीगंगानगर, अकोला, भगत की कोठी और किशनगढ़ जैसे स्टेशनों पर भी आवश्यक सुविधाएं मानकों के अनुसार पाई गईं। वहीं, 458 स्टेशनों पर आवश्यक सुविधाओं की भारी कमी देखी गई।


96% स्टेशनों पर शौचालय सुविधाओं की कमी

स्टेशनों पर सफाई और पर्यावरण के लिहाज से शौचालयों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। जिन 512 स्टेशनों की जांच की गई, उनमें से 491 यानी लगभग 96% स्टेशनों पर बायो-टॉयलेट, वॉटरलेस टॉयलेट या यूरिनल की सुविधाएं या तो अनुपस्थित थीं या फिर पूरी नहीं थीं। इसका मतलब यह है कि स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बावजूद 16 से अधिक जोनल रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को आधुनिक शौचालयों की सुविधा नहीं मिल पा रही है।


 


यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में लापरवाही

रिपोर्ट में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी काफी लापरवाही का पता चला है। 380 स्टेशनों में से 102 पर सेकंड क्लास के वेटिंग रूम में कमियां पाई गईं। वहीं, 159 स्टेशनों में से 50 पर महिलाओं के लिए अलग वेटिंग रूम की सुविधाएं ठीक नहीं थीं। इसके अलावा, 77 बड़े स्टेशनों में से 29 पर वाटर वेंडिंग मशीनें अनुपस्थित थीं। 380 स्टेशनों में से 65 पर वाई-फाई की सुविधा भी मानकों के अनुसार नहीं थी।