भारतीय वायुसेना का मल्टीनेशनल अभ्यास 'तरंग शक्ति 2.0' शुरू
तरंग शक्ति 2.0 की तैयारी पूरी
नई दिल्ली - भारतीय वायुसेना ने अपने सबसे बड़े मल्टीनेशनल अभ्यास 'तरंग शक्ति 2.0' की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार इस अभ्यास में सभी की निगाहें पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर केंद्रित हैं।
अमेरिका का एफ-35 शामिल
अमेरिका अपने एफ-35 फाइटर जेट के साथ इस अभ्यास में भाग ले रहा है। यह पहली बार है जब एफ-35 किसी सैन्य अभ्यास में भारत में शामिल हो रहा है। इससे पहले, यह एयरो इंडिया में पहली बार देखा गया था।
भारतीय वायुसेना का बयान
भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि भारत ने एफ-35 ऑपरेट करने वाले देशों के साथ अभ्यास किया है। उन्होंने बताया कि पहले भी ऐसे दो-तीन अभ्यास हो चुके हैं, लेकिन भारत में यह पहली बार हो रहा है।
पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास
दीक्षित ने कहा, "हम अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का विकास कर रहे हैं, जिसमें आवश्यक तकनीकी क्षमता और सपोर्ट सिस्टम शामिल हैं। यह विकास हमारे लिए महत्वपूर्ण है।"
अभ्यास में भाग लेने वाले देश
इस अभ्यास में कुल 7 देश भाग ले रहे हैं, जिनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं। इसके अलावा, 32 देश ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हो रहे हैं।
अभ्यास का समय और स्थान
यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मित्र देशों के लड़ाकू विमान पाकिस्तान सीमा के निकट भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेंगे।
अभ्यास में शामिल विमानों की सूची
अमेरिका: 6 एफ-35, 2 केसी-135
ऑस्ट्रेलिया: 1 सी-130
बांग्लादेश: 1 सी-130
फ्रांस: 7 राफेल, 3 ए 400 एम, 2 एमआरटीटी
जर्मनी: 2 ए 400 एम
भारत: राफेल, एसयू-30 एमकेआई, एलसीए, जगुआर, मिराज, मिग-29
श्रीलंका: 1 किंग एयर 350
यूएई: 6 एफ-16, 1 ग्लोबल 6000
पिछले अभ्यास का अनुभव
इससे पहले, भारतीय वायुसेना ने 2024 में 'तरंग शक्ति' का पहला संस्करण आयोजित किया था, जिसमें कई प्रमुख देशों के लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था।
