भारतीय वैज्ञानिक गौतम डे को मिला EMBO गोल्ड मेडल, विज्ञान में नई ऊंचाइयों की ओर
भारत ने विज्ञान में फिर से किया कमाल
नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। भारतीय मूल के वैज्ञानिक गौतम डे को यूरोप में जीवन विज्ञान के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'EMBO गोल्ड मेडल' से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में जर्मनी के हाइडेलबर्ग में यूरोपियन मॉलिक्यूलर बायोलॉजी लैबोरेट्री (EMBL) में कार्यरत गौतम डे के साथ स्विट्जरलैंड की जिनेवा यूनिवर्सिटी के ओमाया दुदिन को भी इस वर्ष के इस सम्मान के लिए संयुक्त रूप से चुना गया है। यह पुरस्कार यूरोप में जीवन विज्ञान के क्षेत्र में सबसे मान्यता प्राप्त सम्मानों में से एक है, जो 32 सदस्य देशों वाले अंतर-सरकारी संगठन EMBC के तहत नए और स्वतंत्र वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए हर साल दिया जाता है।
गौतम डे की शैक्षणिक यात्रा
दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई, जानें किस क्रांतिकारी खोज के लिए मिला सम्मान
यूरोपियन मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ऑर्गनाइजेशन (EMBO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम डे को न्यूक्लियर ऑर्गनाइजेशन और सेल डिवीजन के विकासात्मक मूल पर उनके उत्कृष्ट शोध के लिए यह मेडल प्रदान किया गया है। उनके साथी ओमाया दुदिन को मल्टीसेल्यूलैरिटी के विकासात्मक मूल पर उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। गौतम डे ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की और बैंगलोर के नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) से रिसर्च मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने पीएचडी के लिए अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और लंदन यूनिवर्सिटी कॉलेज (UCL) से 'यूकेरियोजेनेसिस' प्रक्रिया पर शोध किया। यह प्रक्रिया बताती है कि कैसे सरल, बिना केंद्रक वाले एक-कोशिका वाले जीव समय के साथ जटिल कोशिकाओं में परिवर्तित हुए।
भारत के लिए गर्व का क्षण
लगातार दूसरे साल किसी भारतीय वैज्ञानिक ने रचा इतिहास
यह भारत के लिए गर्व का अवसर है क्योंकि लगातार दूसरे वर्ष किसी भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने इस सम्मान को प्राप्त किया है। पिछले वर्ष 2025 में यह प्रतिष्ठित मेडल भारतीय मूल के वैज्ञानिक तन्मय एएम भारत को मिला था, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं और वर्तमान में ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में कार्यरत हैं। EMBO काउंसिल की चेयरपर्सन मार्ता मियाकजिन्स्का ने दोनों वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष दो उम्मीदवारों का चयन उनके बीच के बेहतरीन और खुले वैज्ञानिक सहयोग को दर्शाता है, जो EMBO के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य है।
गौतम डे की भावनाएं और भविष्य की योजनाएं
पुरस्कार मिलने पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए गौतम डे ने कहा कि विज्ञान एक गहरी मानवीय गतिविधि है, जो उन लोगों के प्रयासों से आकार लेती है जो इस ब्रह्मांड को समझने में अपना पूरा करियर समर्पित कर देते हैं। उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि वह आधुनिक आणविक जीव विज्ञान के उपकरणों को जीवन को उसके वास्तविक संदर्भ में देखने की पुरानी प्राकृतिक परंपराओं के साथ जोड़कर आगे काम करना चाहते हैं।
