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भिवानी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और बंधक बनाने का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

भिवानी में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। असम की रहने वाली इस लड़की को एक युवक ने बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर शादी की थी। बाद में उसे बंधक बनाकर यौन शोषण का शिकार बनाया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या कार्रवाई की गई है।
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भिवानी में दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला


हरियाणा समाचार: भिवानी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। असम की एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और देह व्यापार में धकेलने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक महिला भी शामिल है। इस मामले में एक हेड कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए डीएसपी अनूप की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।


नाबालिग का घर से भागना

पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को एक नाबालिग लड़की औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंची और बताया कि वह असम की निवासी है। उसकी मां की मृत्यु सात-आठ साल पहले हुई थी और पिता भी बिना बताए घर छोड़कर चले गए थे। लगभग दो साल पहले वह काम की तलाश में भिवानी आई थी, जहां एक युवक ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद से युवक ने उसे पीटने और घर में बंद रखने का काम किया।


गेस्ट हाउस में दुष्कर्म का आरोप

करीब पांच महीने पहले, वह घर से भागकर रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां उसकी ममता नाम की महिला से झगड़ा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे चौकी ले जाकर समझौता करवा दिया। जब वह अकेली थी, तो थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ने अपने परिचित शंकर को बुलाया और उसे अपने गेस्ट हाउस में रात बिताने के लिए कहा। आरोप है कि शंकर ने अगले दिन उसे गेस्ट हाउस से जाने नहीं दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।


साढ़े तीन महीने तक बंधक

इतना ही नहीं, शंकर ने उसे साढ़े तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा और अन्य लोगों से भी उसका यौन शोषण करवाया। लगभग डेढ़ महीने पहले, वह गेस्ट हाउस से भागकर असम लौट गई, लेकिन वहां उसे कोई नहीं स्वीकारा। फिर वह वापस भिवानी आई और काम की तलाश में रोहतक जाने के लिए बस में सवार हुई।


पुलिस में शिकायत दर्ज

रोहतक में उसे अंजलि नाम की महिला मिली, जिसने उसे अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया। 11 अक्टूबर को, वह किसी तरह भिवानी पहुंची और दो दिन बाद पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने शंकर, अंजलि और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। मामले में शामिल पुलिसकर्मी के खिलाफ भी जांच चल रही है। बच्ची को बाल कल्याण समिति करनाल को सौंप दिया गया है।