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भुवनेश्वर में कैब और ऑटो चालकों का प्रदर्शन: पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब और ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 113 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर 17 अगस्त से हड़ताल कर रखी थी। जानें इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों के बारे में।
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भुवनेश्वर में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा


ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब और ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कठोर कदम उठाए हैं। पुलिस ने बताया कि 19 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने के आरोप में 113 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।


60 लोगों को मुचलके पर छोड़ा गया

भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त जगमोहन मीणा ने जानकारी दी कि प्रदर्शन के सिलसिले में लगभग 60 अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुल 354 वाहनों को जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुई और कई क्षेत्रों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।


स्टेशन स्क्वायर पर तनावपूर्ण स्थिति

बुधवार को स्टेशन स्क्वायर और मास्टर कैंटीन के आसपास का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने सड़क पर वाहनों के साथ रास्ता रोक रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सार्वजनिक बसों तथा पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में खरवेल नगर थाने में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं।


17 अगस्त से चल रहा है हड़ताल

ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो सेवाओं से जुड़े ड्राइवर और राइडर 17 अगस्त से काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी सात सूत्री मांगों में किराया बढ़ाना, ऐप कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में कमी, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के शुल्क को नियंत्रित करने और न्यूनतम व अधिकतम किराया तय करने के लिए नियामक व्यवस्था बनाने की मांग कर रहे हैं।


ड्राइवरों की मांगें

ड्राइवरों का कहना है कि यात्रा के दौरान इंतजार के समय का भी भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, ट्रैफिक में फंसे रहने से होने वाले समय के नुकसान की भरपाई और यात्री द्वारा बुकिंग रद्द करने पर पूरा भुगतान देने की व्यवस्था की मांग की गई है। चालक यह भी चाहते हैं कि ओडिशा में ऐप आधारित कंपनियों के स्थायी कार्यालय हों और सरकार की मंजूरी के बिना प्लेटफॉर्म नए वाहनों को सेवा में शामिल न कर सकें।


400 वाहनों के परमिट रद्द करने की योजना

ओडिशा में ऐप आधारित प्लेटफॉर्म से लगभग 30,000 कैब, ऑटो और बाइक जुड़े होने का अनुमान है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त समरेंद्र पटनायक ने कहा कि करीब 400 वाहनों के रजिस्ट्रेशन और परमिट रद्द किए जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।