भूटान में ग्लेशियर झील फटने से बाढ़ का खतरा, पश्चिम बंगाल और असम में अलर्ट
भूटान में ग्लेशियर झील का फटना
भूटान के ग्लेशियर: गुरुवार रात को भूटान में एक ग्लेशियर झील के फटने से पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। लेमथांग क्षेत्र में स्थित शितांफू ग्लेशियर झील से पानी का बहाव शुरू होने के कारण संकोश नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। इस संभावित खतरे को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। ग्लेशियर झील के फटने की घटना गुरुवार रात लगभग 8:15 बजे हुई। इसके बाद पानी तेजी से मोफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ने लगा। रात के समय में पानी के तक्तसिमाखांग क्षेत्र तक पहुंचने की सूचना मिली है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
अलीपुरद्वार में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जिले में लगभग 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन लोगों को स्कूलों और राहत शिविरों में ठहराया गया है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी के किनारे स्थित भलका-1, भलका-2, चेंगमारी और लैंड ग्राम पंचायतों के लगभग 15,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। तक्तसिमाखांग परियोजना कार्यालय और गासा छाचू में तैनात सेना के जवानों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के लिए कहा गया है। सभी ग्राम पंचायतों और संबंधित अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
