भूपेश बघेल ने महादेव सट्टेबाजी मामले में उठाए सवाल, जांच की मांग की
महादेव सट्टेबाजी ऐप केस में भूपेश बघेल का नाम
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल का नाम महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई ने आरोप लगाया है कि ऐप के प्रमोटर्स ने भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद, बघेल ने कहा है कि हिरेन जोशी और नवनीत सहगल की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महादेव ऐप को बंद करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी, लेकिन इसके बावजूद यह ऐप बंद नहीं किया गया।
भूपेश बघेल का बयान
जब सीबीआई ने अपनी चार्जशीट पेश की थी, तब भूपेश बघेल का नाम आरोपी के रूप में शामिल किया गया था। बघेल ने इसे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है। उन्होंने रिटायर IAS अधिकारी नवनीत सहगल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी हिरेन जोशी का नाम लेते हुए कहा कि इनकी भी जांच होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि जोशी ने मोदी के साथ तब से काम किया है जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
भूपेश बघेल की मांग
विकास गर्ग की गिरफ्तारी पर बघेल ने कहा, 'महादेव ऐप के खिलाफ पहली कार्रवाई छत्तीसगढ़ में हुई थी। तब सैकड़ों लोग गिरफ्तार हुए और हजारों बैंक खाते सीज किए गए। अब जब बीजेपी के विकास गर्ग पकड़े गए हैं और 904 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है, तो यह स्पष्ट है कि महादेव ऐप को बंद करने में केंद्र सरकार की भूमिका संदिग्ध है।' उन्होंने यह भी कहा कि नवनीत सहगल और हिरेन जोशी की जांच होनी चाहिए, क्योंकि ये दोनों शक्तिशाली अधिकारी रहे हैं।
सामाजिक बुराई के खिलाफ बघेल का बयान
भूपेश बघेल ने सट्टेबाजी को एक सामाजिक बुराई बताते हुए कहा, 'यह युवाओं और उनके परिवारों को बर्बाद कर रहा है। हमने इस मुद्दे पर कार्रवाई की थी, लेकिन चुनाव के नजदीक आने पर हमें बदनाम करने के लिए आरोप लगाए गए। मेरे घर पर सीबीआई का छापा भी पड़ा। आरोप लगाकर निकल जाना आसान है, लेकिन जब सच्चाई सामने आती है, तो पता चलता है कि ये सब उन्हीं के लोग हैं।'
ट्विटर पर प्रतिक्रिया
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