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मणिपुर में जातीय हिंसा: कुकी समुदाय ने नगा बंधकों की हत्या पर मांगी माफी

मणिपुर में जातीय हिंसा के हालात में कुकी समुदाय ने नगा बंधकों की हत्या के लिए माफी मांगी है। कुकी जो काउंसिल के अध्यक्ष ने इस घटना पर खेद जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानें इस संघर्ष के पीछे की कहानी और हाल की घटनाओं का विवरण।
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मणिपुर में जातीय संघर्ष की स्थिति

जब भी मणिपुर में जातीय हिंसा को रोकने की कोशिश की जाती है, तब कोई न कोई गंभीर घटना घटित हो जाती है, जिससे फिर से तनाव बढ़ जाता है। 13 मई को नगा समुदाय के छह सदस्यों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके लिए कुकी समुदाय को जिम्मेदार ठहराया गया। अब एक महीने बाद, कुकी समुदाय ने इन हत्याओं के लिए नगा समुदाय से माफी मांगी है।


कुकी जो काउंसिल का माफी का बयान

'कुकी जो काउंसिल' के अध्यक्ष हेनलिएनथांग थांगलेट ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी और मणिपुर में चल रहे जातीय संघर्ष से संबंधित सभी हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।


कुकी-जो समुदाय की गलती स्वीकार

चुराचांदपुर जिले में मीडिया के समक्ष थांगलेट ने कहा, 'मैं मानता हूं कि कुकी-जो समुदाय ने छह नगा नागरिकों की हत्या करके एक गंभीर गलती की। यह भावनाओं में बहकर किया गया था। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और अपने समुदाय की ओर से माफी मांगता हूं।'


हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग

कुकी जो काउंसिल के प्रवक्ता गिन्जा वुअलजोंग ने भी नगा बंधकों की हत्या, 14 कुकी नागरिकों की मौत और कुकी गांवों में आगजनी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की अपील की।


घटनाओं का विवरण

13 मई को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई गांव से छह लोगों का अपहरण किया गया था। उनके शव 10 जून को एक कुकी-जो गांव के निकट मिले थे। कुकी संगठनों का कहना है कि इस वर्ष फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच झड़पों के बाद से उनके 14 सदस्य मारे गए और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।