मतदाता सूची में सुधार: निर्वाचन आयोग की नई पहल से युवाओं को मिलेगा लाभ
मतदाता सूची में सुधार की नई प्रक्रिया
यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से गायब है या उसमें गलत जानकारी है, तो यह उनके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, निर्वाचन आयोग ने एक नई प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पंजाब समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) किया जाएगा।
नए मतदाताओं का पंजीकरण
आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और सूची में मौजूद त्रुटियों को ठीक किया जाए। इस अभियान में उन युवाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो पहली बार वोट डालने की उम्र तक पहुंच चुके हैं, साथ ही उन नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा जो योग्य होते हुए भी मतदाता सूची में नहीं हैं।
प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, इस अभियान में एक जनवरी 2027 को मुख्य पात्रता तिथि माना जाएगा। सूची में शामिल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गोवा और मणिपुर शामिल हैं। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भी यह प्रक्रिया लागू होगी।
मतदान केंद्रों की व्यवस्था और पुनर्गठन का कार्य दो नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद, प्रारंभिक मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक नाम जोड़ने, विवरण सुधारने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को जारी की जाएगी।
युवाओं के लिए पंजीकरण का अवसर
जो नागरिक मतदाता बनने की आवश्यक शर्तें पूरी करते हैं, लेकिन उनका नाम सूची में नहीं है, वे पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लेने की व्यवस्था की है। इन आवेदनों पर संबंधित तिमाही में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे योग्य युवाओं को मतदाता बनने का अवसर मिलेगा।
फॉर्म और आवेदन प्रक्रिया
नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाएगा। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए फॉर्म-6ए निर्धारित है। किसी व्यक्ति के नाम को सूची में शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने या नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा सकता है। वहीं, पता बदलने, व्यक्तिगत विवरण में सुधार, मतदाता पहचान पत्र बदलने या दिव्यांग मतदाता के रूप में पहचान दर्ज कराने के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाएगा।
आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि आवेदन में आधार संख्या देना अनिवार्य नहीं है। केवल आधार उपलब्ध नहीं कराने के कारण किसी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। नागरिक निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल और ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे।
नाम हटाने की प्रक्रिया में सावधानी
मतदाता सूची से गलत तरीके से नाम हटाए जाने की आशंका को दूर करने के लिए आयोग ने विशेष सत्यापन नियम बनाए हैं। यदि किसी मतदान केंद्र की कुल मतदाता संख्या के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने का प्रस्ताव आता है, तो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से दोबारा जांच करनी होगी। यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक मामलों में आपत्ति दर्ज कराता है, तो उन मामलों की भी अलग से जांच की जाएगी।
मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लोगों और दोहरी प्रविष्टियों के मामलों में भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा। जहां किसी का नाम हटाने का प्रस्ताव होगा, वहां नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
मतदान केंद्रों की व्यवस्था में सुधार
आयोग ने सामान्य परिस्थितियों में एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित रखने का निर्देश दिया है। नए केंद्र बनाने या मौजूदा केंद्रों में बदलाव से पहले मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। केंद्रों की सीमाएं स्पष्ट रखने और परिवार के सदस्यों के नाम एक ही अनुभाग में रखने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सलाह ली जाएगी।
महिलाओं, ट्रांसजेंडर नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जनजातियों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और कई अन्य राज्यों के लिए कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए अलग कार्यक्रम जारी होगा। आयोग का लक्ष्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और गलत प्रविष्टियों को नियमानुसार दुरुस्त करना है।
