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मध्य प्रदेश में बच्चों की जान जोखिम में, उफनती नदी पार कर स्कूल जाते हैं

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में चार गांवों के बच्चे रोजाना उफनती बेतवा नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जो उनकी जान के लिए खतरा बन गया है। वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस ने बीजेपी के विकास दावों पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने इस खतरनाक रास्ते पर रोक लगा दी है, लेकिन ग्रामीण स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम।
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खतरनाक सफर: बच्चों की सुरक्षा पर सवाल


वायरल वीडियो: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चार गांवों के बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचने के लिए उफनती बेतवा नदी पर बने संकरे स्टॉप डैम पर छलांग लगाते हैं। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला किया।


कांग्रेस ने कहा कि विदिशा में स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यह वही विदिशा है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद हैं।



कांग्रेस ने यह भी कहा कि बीजेपी, जो 22 वर्षों से मध्य प्रदेश में सत्ता में है, केवल अपनी तिजोरी के विकास की चिंता कर रही है, जबकि आम जनता की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। यह स्थिति बेहद शर्मनाक है।


यह घटना ग्राम पंचायत जीवाजीपुर के पलोह गांव की है, जहां के छात्र ककरुआ, इमलिया, बंधेरा और बहलोद चक से पलोह स्थित सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने आते हैं। सड़क मार्ग से स्कूल पहुंचने में 10 से 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि स्टॉप डैम पार करने पर यह दूरी केवल डेढ़ किलोमीटर रह जाती है। इसी कारण बच्चे इस खतरनाक रास्ते को चुन रहे हैं।


बारिश के कारण बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्टॉप डैम और भी खतरनाक हो गया है। वायरल वीडियो में छात्र-छात्राएं तेज बहाव के बीच डैम के संकरे हिस्सों पर छलांग लगाते हुए नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई बच्चा फिसल जाता है, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता है।


वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टॉप डैम पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। मौके पर चौकीदार तैनात कर दिए गए हैं ताकि कोई भी इस रास्ते का उपयोग न कर सके। ग्रामीणों का मानना है कि केवल रास्ता बंद करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में स्थायी पुल का निर्माण आवश्यक है, ताकि बच्चों को भविष्य में अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल न जाना पड़े।


एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बंधेरा के स्कूल को हाई स्कूल में उन्नत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। फिलहाल वहां कक्षा 9 और 10 के कुल 10 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो किलोमीटर से अधिक दूरी वाले छात्रों को पहले ही साइकिलें दी जा चुकी हैं, लेकिन बच्चे समय बचाने के लिए डैम का रास्ता चुन रहे थे। प्रशासन ने यह भी बताया कि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के माध्यम से स्टॉप डैम पर स्लैब डालने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे भविष्य में आवागमन अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। वर्तमान में बारिश के मौसम को देखते हुए इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।