मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में मिली क्लीन चिट, सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल
कोयला घोटाले की जटिलताएँ
भाजपा ने यूपीए-2 की सरकार पर कई घोटालों का आरोप लगाया था, जिसमें कोयला और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले प्रमुख थे। सीएजी के अनुसार, 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, लेकिन सभी आरोपी इस मामले में बरी हो गए। वहीं, कोयला घोटाले में अनुमानित राशि तीन लाख 30 हजार करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन इस मामले में भी रिहाई का सिलसिला जारी है।
हाल ही में, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस घोटाले में क्लीन चिट मिली है। 2014 में सीबीआई ने उनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया था। अब, 12 साल बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट को मान्यता दी है।
सीबीआई ने इस मामले में कुल 52 मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें से 25 का निपटारा हो चुका है और किसी को भी सजा नहीं मिली है। अभी भी 27 मामले अदालतों में लंबित हैं। हाल ही में, विशेष अदालत ने कांग्रेस के पूर्व सांसद विजय दर्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ धनशोधन के मामले को खारिज कर दिया।
इससे पहले, एक विशेष अदालत ने एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड को कोल ब्लॉक आवंटन के मामले में बरी कर दिया था। कोयला घोटाले के 19 मामलों में पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता का नाम भी शामिल था, और वे भी बरी हो चुके हैं।
