मनोज मुंतशिर का वंदे मातरम् विवाद पर तीखा बयान
वंदे मातरम् पर चल रहा विवाद
राष्ट्रीय गीत पर बहस: ‘वंदे मातरम्’ के संदर्भ में चल रहे विवाद के बीच, गीतकार और पटकथा लेखक मनोज मुंतशिर ने अपनी राय व्यक्त की है। इस विवाद का केंद्र बिंदु यह है कि क्या इस गीत को केवल दो छंदों तक सीमित किया जाना चाहिए। मुंतशिर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं को इस तरह की गतिविधियों से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारी नसों में सूर्यवंशी स्वाभिमान है, और सनातन से भगवा आसमान है। शिवाजी और नानक को हम अपने पिता मानते हैं, और हमारा हिंदुस्तान हमेशा से ऐसा ही रहा है।” यह बयान उस समय आया है जब ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गीत और इसके कुछ छंदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

युवा धर्म संसद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो ‘मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी’ पर भी उन्होंने अपने विचार साझा किए।
एक मीडिया चैनल से बातचीत में मुंतशिर ने कहा कि यदि देश के युवाओं में धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति इसी तरह की आस्था बनी रही, तो भारत की संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के उस पहलू का भी उल्लेख किया, जिसने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया। मुंतशिर ने कहा कि यदि मोदी की जिंदगी को एक शब्द में व्यक्त करना हो, तो वह शब्द ‘सेवा’ होगा।
इस प्रकार, एक ओर ‘वंदे मातरम्’ पर बहस जारी है, वहीं मनोज मुंतशिर का बयान इस विवाद को और अधिक चर्चा में ला रहा है। उनकी पहचान केवल देशभक्ति या धार्मिक भावनाओं से जुड़े गीतों तक सीमित नहीं है। बॉलीवुड में उन्होंने रोमांस, इमोशन और रिश्तों पर भी कई चर्चित गाने लिखे हैं। विशेष रूप से ‘तेरी मिट्टी’ ने उन्हें देशभक्ति गीतों के एक प्रमुख गीतकार के रूप में पहचान दिलाई। इसके अलावा, ‘गलियां’ और ‘तेरे संग यारा’ जैसे गानों ने उनके रोमांटिक गीतों की पहचान को भी मजबूत किया।
