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ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा के बाद कोलकाता लौटने पर टीएमसी में हलचल

ममता बनर्जी, जो हाल ही में दिल्ली में थीं, कोलकाता लौट आई हैं। उनके लौटने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस में हलचल मच गई है। पार्टी के कई विधायक और सांसद बगावत कर चुके हैं, जिससे टीएमसी की स्थिति कमजोर हो गई है। इस बीच, ममता के कांग्रेस में विलय की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। जानिए इस राजनीतिक उठापटक के पीछे की कहानी और ममता बनर्जी के अगले कदम क्या होंगे।
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ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा के बाद कोलकाता लौटने पर टीएमसी में हलचल

ममता बनर्जी का कोलकाता लौटना

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को दिल्ली में दो दिन बिताने के बाद कोलकाता पहुंच गईं। कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी सुरक्षा के बीच पहुंचने के बाद उन्होंने किसी से बातचीत नहीं की और सीधे अपनी कार में बैठ गईं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया.


टीएमसी के नेता का समर्थन

ममता बनर्जी एयरपोर्ट से सीधे अपने घर कालीघाट गईं। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने कहा कि ममता उनकी नेता हैं और वे उनके हर निर्णय में उनके साथ रहेंगे.


टीएमसी की चुनौतियाँ

मदन मित्रा ने कहा, 'हमारी नेता ममता बनर्जी अपने घर पहुंच गई हैं। जो भी निर्णय लेंगी, हम उनके साथ खड़े हैं।' यह बयान उस समय आया है जब ममता बनर्जी और उनकी पार्टी कठिन दौर से गुजर रही हैं.


पार्टी में विद्रोह

टीएमसी के 58 विधायकों ने पहले ही बगावत कर बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, 19 लोकसभा सांसदों ने भी पार्टी से विद्रोह किया है और उनकी बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसी बीच, टीएमसी के दो राज्यसभा सांसदों ने भी ममता का साथ छोड़ दिया है.


कांग्रेस में विलय की चर्चा

ममता बनर्जी और टीएमसी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं कि तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय हो सकता है। इस संबंध में ममता बनर्जी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत की है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की.


राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की बैठक

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को दिल्ली में मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक इस सप्ताह दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच संवाद का हिस्सा मानी जा रही है.