महबूबा मुफ्ती ने पैलेट गन पर विवादित बयान के लिए मांगी माफी
महबूबा मुफ्ती का माफी मांगना
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर में पैलेट गन के उपयोग पर दिए गए अपने विवादास्पद बयान के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान एक अधूरे वाक्य और जुबान फिसलने के कारण गलतफहमी उत्पन्न हुई।
महबूबा का विवादास्पद बयान
महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि दिल्ली में छात्रों पर किसी विशेष उकसावे के चलते पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा, 'हमने इसे पहले कभी दिल्ली में नहीं देखा था, जबकि कश्मीर में यह कई वर्षों से हो रहा है। वहां मिलिटेंसी है, इसलिए यह उचित है।'
राजनीतिक प्रतिक्रिया
उनके इस बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई राजनीतिक दलों ने कड़ी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि इस तरह की बातें अनुचित हैं और इन्हें नहीं कहा जाना चाहिए था।
महबूबा का स्पष्टीकरण
माफी मांगने के बाद महबूबा ने स्पष्ट किया कि मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अनजाने में एक महत्वपूर्ण शब्द छोड़ दिया था। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने राजनीतिक जीवन के 30 साल उन लोगों के लिए समर्पित किए हैं जो इखवान और अन्य ताकतों के निशाने पर थे। जब फारूक अब्दुल्ला गए थे और लोग AFSPA और अन्य कानूनों का समर्थन कर रहे थे, तब मैं लोगों के साथ खड़ी थी।'
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का उल्लेख
महबूबा ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने वहां कश्मीरी छात्रों के बुलावे पर कुछ कहा था और मेरी जुबान फिसल गई। एक बाइट के दौरान कश्मीर में पैलेट गन के उपयोग के बारे में बोलते समय मैंने 'बहाना' शब्द छोड़ दिया।'
महबूबा का बयान
महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि वीडियो असली था, लेकिन उनके बयान का अर्थ उस शब्द के बिना निकाला गया, जिससे वाक्य का अर्थ बदल गया। उन्होंने कहा, 'आज मैं कहती हूं कि वीडियो सही है लेकिन मेरी बात को गलत तरीके से उद्धृत किया गया है क्योंकि एक शब्द छूट गया।'
