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महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती: 2 अक्टूबर का महत्व

2 अक्टूबर का दिन भारत में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों महान व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने गांधीजी के शांति और अहिंसा के संदेश की प्रासंगिकता पर जोर दिया, जबकि पीएम मोदी ने गांधीजी के जीवन के मूल्यों को याद किया। इस दिन का महत्व केवल भारत में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है, क्योंकि इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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महात्मा गांधी और शास्त्री जी की जयंती


नई दिल्ली: 2 अक्टूबर का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन दो महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म भी हुआ था।


गांधीजी के आदर्शों का महत्व

गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने नई दिल्ली के राजघाट पर गांधीजी की समाधि पर आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन और उनके सिद्धांत आज भी विश्व में सम्मानित हैं। उन्होंने सभी नागरिकों की ओर से गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।


शांति का संदेश


राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वर्तमान में जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष चल रहा है, तब गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा, "आज के समय में महात्मा गांधी का संदेश सभी राष्ट्रों के लिए प्रेरणादायक है।"


उन्होंने गांधीजी के 'सर्वोदय' सिद्धांत को भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य से जोड़ा और कहा कि इस यात्रा में सहानुभूति और समावेश को प्राथमिकता दी जा रही है।


पीएम मोदी का श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गांधीजी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन के मूल्यों को याद किया। उन्होंने कहा, "बापू का जीवन सत्य, अहिंसा और सेवा का प्रतीक है।" इसके साथ ही उन्होंने भगवद् गीता का एक प्रसिद्ध श्लोक साझा किया।



प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें, "यह स्वदेशी है!" उन्होंने गांधीजी के विचारों की वैश्विक प्रेरणा पर भी जोर दिया।


लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया गया

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शास्त्री जी की सादगी और देश के प्रति समर्पण को याद किया और उनके प्रसिद्ध नारे "जय जवान, जय किसान" का उल्लेख किया।



मोदी ने कहा कि शास्त्री जी का योगदान देश के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।


2 अक्टूबर का महत्व

2 अक्टूबर भारत के सार्वजनिक जीवन में दो महान हस्तियों की जयंती का प्रतीक है। महात्मा गांधी का जन्म 1869 में और लाल बहादुर शास्त्री का 1904 में हुआ था। इस दिन को हर साल गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र भी इस दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है।


इस वर्ष के समारोहों में गांधीजी के सिद्धांतों के साथ-साथ शास्त्री जी के कालजयी संदेश को भी श्रद्धांजलि दी गई।