महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में सौरभ चंद्राकर की CBI हिरासत बढ़ी
सौरभ चंद्राकर को CBI की कस्टडी में भेजा गया
रायपुर की विशेष अदालत ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के आरोपी सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की हिरासत में 8 दिनों के लिए भेज दिया है। ओमान से प्रत्यर्पित होने के बाद, सौरभ चंद्राकर को दिल्ली में रखा गया है, जहां CBI उससे पूछताछ करेगी। चंद्राकर पर अवैध धन कमाने, हवाला के माध्यम से पैसे विदेश भेजने, और अवैध संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं। उसके हाई प्रोफाइल संपर्कों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि CBI की पूछताछ में अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
CBI की पूछताछ का महत्व
CBI ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों ने सट्टा सिंडिकेट को संरक्षण देने के बदले अवैध धन लिया। इस मामले में लगभग छह हजार करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की जा रही है। CBI ने सौरभ चंद्राकर की 10 दिन की हिरासत की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
CBI के आरोप
CBI ने आरोप लगाया है कि चंद्राकर ने 'महादेव बुक' के अन्य प्रमोटरों के साथ मिलकर संरक्षण प्राप्त किया। इसके लिए उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित रूप से बड़ी रकम दी। अवैध भुगतान के लिए हवाला ऑपरेटरों का सहारा लिया गया। CBI का कहना है कि पूछताछ से घोटाले के अन्य मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान हो सकेगी।
सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई
एजेंसी का दावा है कि प्रमोटर अवैध कमाई का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखते थे, जबकि बाकी रकम पैनल संचालकों में बांट दी जाती थी। CBI ने यह भी कहा कि कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन के बाद से चंद्राकर और उसके सहयोगी हर महीने लगभग 450 करोड़ रुपये कमा रहे थे।
प्रोटेक्शन मनी का मामला
CBI का यह भी कहना है कि सट्टेबाजी वेबसाइटों के विज्ञापनों पर बड़ा हिस्सा खर्च किया गया। इसमें शामिल मशहूर हस्तियों को भी इसी रकम से भुगतान किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और 'प्रोटेक्शन मनी' के रूप में अवैध लाभ लिया।
चंद्राकर का दुबई कनेक्शन
CBI के अनुसार, चंद्राकर और अन्य प्रमोटर दुबई से 'महादेव बुक' सिंडिकेट का संचालन करते थे। चंद्राकर ने 2022 में भारत छोड़ दिया था, लेकिन हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित होकर भारत लाया गया।
ईडी की जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है। यह मामला छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान सामने आया था।
