महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में विकास गर्ग की गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की
महादेव बेटिंग ऐप का घोटाला
महादेव बेटिंग ऐप का मामला अब कई राज्यों और देशों में फैल चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में विकास गर्ग नामक व्यक्ति की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया था। मंगलवार को ED ने विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग ने अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को अपनी कंपनियों में निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग की। इस मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी और पहले भी छापेमारी की गई थी, लेकिन संपत्ति की जब्ती और गिरफ्तारी अब हुई है.
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद, दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने ED को उनकी ट्रांजिट रिमांड दे दी है। उन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। 10 जुलाई को ED द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि विकास गर्ग, उनके परिवार और उनकी कंपनियों से संबंधित कुल 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक और स्कायएक्सचेंज के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी के आरोप में की गई थी। जब्त की गई संपत्तियों में कई रिहायशी इमारतें, भूमि, एक्विटी शेयर और अन्य चीजें शामिल हैं। इस मामले में कुल जब्ती 3800 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है.
ED की जांच में क्या सामने आया?
940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करते हुए, ED ने 10 जुलाई को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के माध्यम से चलाया जा रहा था, जिससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हो रही थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्कायएक्सचेंज की अवैध गतिविधियों से अर्जित धन को वैध धन के रूप में दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
विकास गर्ग की कंपनियों की स्थिति
विकास गर्ग की कंपनी ने 2024 में अनिवार्य स्टॉक मार्केट डिस्क्लोजर के तहत अपनी रिपोर्ट में ED की जांच की बात स्वीकार की थी। मार्च 2026 में, ED ने कहा कि उसने इस मामले में 175 ठिकानों पर छापे मारे, 13 लोगों को गिरफ्तार किया और 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। विकास गर्ग मुख्य रूप से विकास ईकोटेक लिमिटेड, Ebix लिमिटेड और विकास लाइफकेयर लिमिटेड के संस्थापक हैं।
महादेव बुक का मामला
महादेव बुक एक ऐप था जिसे 'स्पोर्ट्स इनसाइट' देने वाला बताया गया, लेकिन बाद में पता चला कि इसके जरिए अवैध सट्टेबाजी की जा रही थी। स्कायएक्सचेंज इसी ऐप से जुड़ा एक प्लेटफार्म है। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोप है कि इस ऐप के जरिए कमाए गए पैसों को कई अवैध तरीकों से व्हाइट मनी में बदला गया।
